Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    NEET पेपर लीक से फिर चर्चा में 'भोपाल कनेक्शन', कई राज्यों की परीक्षाओं से भी जुड़ चुके हैं तार

    By Mithilesh MishraEdited By: Ravindra Soni
    Updated: Wed, 13 May 2026 10:39 PM (IST)

    नीट यूजी 2026 पेपर लीक में नासिक से शुभम खैरनार की गिरफ्तारी ने भोपाल के पेपर लीक कनेक्शन को फिर उजागर किया है। पिछले कुछ वर्षों में यूपी पुलिस, आरओ-ए ...और पढ़ें

    नीट पेपर लीक पर फूटा युवाओं का गुस्सा (फाइल फोटो)

    नीट पेपर लीक पर फूटा युवाओं का गुस्सा (फाइल फोटो)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    मिथिलेश मिश्र, भोपाल। नीट यूजी 2026 पेपर लीक में एजेंसियों ने जिस शुभम खैरनार को नासिक से पकड़ा है, वह सीहोर के एक विश्वविद्यालय में बीएएमएस की पढ़ाई कर चुका है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उसके इस क्षेत्र में कैसे नटवर्क बने थे, लेकिन इस गिरफ्तारी ने भोपाल को फिर से चर्चा में ला दिया है। वजह, हर बार पेपर लीक के तार किसी न किसी तरह भोपाल से जुड़ रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा, यूपी आरओ-एआरओ परीक्षा, राजस्थान और हरियाणा की प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक में बार-बार भोपाल कनेक्शन सामने आया है।

    यूपी की भर्ती परीक्षा से जुड़े थे तार

    फरवरी 2024 में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ था। स्पेशल टास्क फोर्स ने अप्रैल में नोएडा से राजीव नयन मिश्रा नाम के एक व्यक्ति को पकड़ा था। मूल रूप से प्रयागराज का यह व्यक्ति 10-12 वर्षों से भोपाल में रह रहा था और पूर्व में कई परीक्षाओं के पेपर लीक में संलिप्त रहा। पूछताछ में सामने आया कि मिश्रा के गिरोह ने ही अहमदाबाद में ट्रांसपोर्ट कंपनी के वेयरहाउस से पेपर लीक किए थे। गोपनीयता के लिए पेपर किसी को बेचा नहीं गया, बल्कि रीवा के एक रिसॉर्ट में डील वाले अभ्यर्थियों को बुलाकर उन्हें प्रश्न और उसके उत्तर रटवाए गए। इसके लिए एक-एक व्यक्ति से सात-आठ लाख रुपये लिए गए थे।

    प्रिंटिंग प्रेस से ही पेपर लीक

    फरवरी में ही यूपी सचिवालय में समीक्षा अधिकारी-सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ-एआरओ) परीक्षा का पेपर लीक हुआ। जांच में पता चला कि इस परीक्षा का पेपर भोपाल के प्रिंटिंग प्रेस में छपा था। शक की सूई फिर राजीव नयन पर घूमी। पूछताछ में पता चला कि राजीव के नेटवर्क ने ही प्रिंटिंग प्रेस के मेकेनिकल इंजीनियर सुनील रघुवंशी की मदद से पेपर लीक किया था। पुलिस सुनील को गिरफ्तार कर ले गई। इससे पहले यह गिरोह 2021 का यूपी टेट, 2023 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत स्टाफ नर्स की संविदा भर्ती, हरियाणा, झारखंड, बिहार की कई परीक्षाओं के पेपर लीक कर चुका था।

    प्रवेश परीक्षाओं में सेटिंग से खड़ा हुआ गिरोह

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक राजीव नयन मिश्रा 2010 में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने भोपाल आया था। उसने उसी संस्थान से पढ़ाई की है, जहां से नीट यूजी पेपर लीक का आरोपित शुभम बीएएमएस करने आया था। यहां उसकी मुलाकात सुभाष प्रकाश, अतुल वत्स, तरुणेश अजारिया जैसे लोगों से हुई जो स्थानीय इंजीनियरिंग और प्रबंधन संस्थानों में पैसे लेकर प्रवेश दिलाने और बाद में पेपर लीक का धंधा करते थे। राजीव नयन ने एक कंसल्टेंसी एजेंसी के आवरण के जरिए वर्षों तक यह धंधा चलाया। हर बार जेल से छूटने के बाद यह गिरोह ताकतवर होता गया था।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- NEET UG 2026 रद होने पर भोपाल में छात्रों का फूटा गुस्सा, शिक्षा मंत्री और NTA अध्यक्ष का पुतला फूंका

    एमपीपीएससी के पेपर लीक में भी कनेक्शन

    यूपी के एक कुख्यात पेपर माफिया बेदीराम ने 2012 के मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा का प्री और मेन्स दोनों पेपर लीक करा दिया था। यह पेपर आगरा के प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ था। खुलासा हुआ तब तक साक्षात्कार बाकी थे। पता चला कि इस गिरोह की पैठ भोपाल, इंदौर और मंदसौर में थी। उन्हीं संपर्कों के जरिए उन्हें प्रिंटिंग प्रेस का पता चला था। इस मामले में एसटीएफ ने बेदीराम और उसके साथियों को गिरफ्तार किया था।

    जब भी कोई परीक्षा आयोजित होती है तो हम उसकी शुचिता सुनिश्चित करने के पूरे इंतजाम करते हैं। उस दौरान कोई बाहरी व्यक्ति आता है तो उसकी भी निगरानी होती है। परीक्षाओं के दौरान सूचना तंत्र सक्रिय रहता है। यदि कोई संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलती है तो तत्परता से कार्रवाई की जाती है। पेपरलीक के मामलों में यदि किसी दूसरे राज्य की पुलिस संपर्क करती है तो उनके साथ सहयोग किया जाता है।
    - संजय कुमार, आयुक्त भोपाल पुलिस।