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    NEET UG 2026 रद होने पर भोपाल में छात्रों का फूटा गुस्सा, शिक्षा मंत्री और NTA अध्यक्ष का पुतला फूंका

    Updated: Wed, 13 May 2026 01:14 AM (IST)

    नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने के विरोध में भोपाल में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और छात्रों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री और एनटीए अध् ...और पढ़ें

    नीट पेपर लीक कांड से आक्रोशित छात्रों ने शिक्षा मंत्री व एनटीए अध्यक्ष्ज्ञ का पुतला फूंका।

    नीट पेपर लीक कांड से आक्रोशित छात्रों ने शिक्षा मंत्री व एनटीए अध्यक्ष्ज्ञ का पुतला फूंका।

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    डिजिटल डेस्क, भोपाल। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 के रद होने के विरोध में मंगलवार को भोपाल में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और अभ्यर्थियों ने जमकर प्रदर्शन किया। छात्र-छात्राओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के अध्यक्ष प्रदीप जोशी का पुतला दहन कर अपना आक्रोश जताया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हर साल की तरह इस बार भी नीट का पेपर लीक हो गया, जिसके कारण 30 लाख से अधिक छात्रों का भविष्य संकट में पड़ गया है।

    अभ्यर्थियों ने बयां किया दर्द

    प्रदर्शन में शामिल श्वेता केवट ने बताया कि घर-परिवार ने उन पर भरोसा कर नीट की तैयारी कराई थी। हमारे यहां इतनी उम्र में लड़कियों की शादी हो जाती है, लेकिन मां-पिता ने पढ़ने दिया। हमने जैसे-तैसे परीक्षा दी, लेकिन अब पता चला कि पेपर रद हो गया। पैसा और समय दोनों बर्बाद हो गया।

    महक राव ने कहा कि परिवार ने कहा था कि यह तुम्हारा आखिरी मौका है। मैंने पूरी मेहनत की थी, लेकिन अब समझ नहीं आ रहा कि आगे क्या होगा। अभ्यर्थी सार्थक यादव ने कहा कि मैंने पूरे साल मेहनत की थी, लेकिन आखिर में परीक्षा रद्द हो गई। यह बेहद निराशाजनक है। अब फिर से तैयारी करनी पड़ेगी।

    छात्रा राखी ने कहा कि 2024 में भी यही हुआ था और अब 2026 में भी वही दोहराया गया। लाखों बच्चों का भविष्य अंधकार में धकेल दिया गया। अगले साल ऐसा नहीं होगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है। पहली बार परीक्षा देने वाली इशिका साहू ने कहा कि जिन छात्रों ने ड्राप लेकर तैयारी की थी, उनके साथ बहुत गलत हुआ है।

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    न्यायिक जांच की मांग

    एनएसयूआइ ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में गठित न्यायिक समिति से कराई जाए, ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो सके और छात्रों को न्याय मिले। प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा की तैयारी में छात्र साल भर मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक के कारण परीक्षा रद हो जाती है। इससे लाखों छात्रों का समय, पैसा और मेहनत बर्बाद होती है।

    उन्होंने कहा कि एनटीए की लापरवाही के चलते हर साल यही स्थिति दोहराई जा रही है। आज हमने एनटीए अध्यक्ष का पुतला फूंका है, ताकि सरकार और एजेंसी की नींद खुले। केंद्र सरकार ने पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है।

    नीट रद होने का सबसे बड़ा असर मध्य प्रदेश के करीब 1.20 लाख अभ्यर्थियों पर पड़ा है। भोपाल में अकेले 14 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिसके लिए 33 केंद्र बनाए गए थे।

    शिक्षा माफिया अमीर लोगों के बच्चों को लाभ पहुंचा रहे

    भोपाल जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने आरोप लगाया कि शिक्षा माफिया अमीर लोगों के बच्चों को लाभ पहुंचाने के लिए हर साल पेपर लीक करवाता है। गरीब और मेहनती छात्र-छात्राएं साल भर तैयारी करने के बाद जब परीक्षा केंद्र पहुंचते हैं तो पता चलता है कि परीक्षा रद हो गई। इससे छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य खराब होता है और वे अवसाद में चले जाते हैं।

    इसका सीधा असर मेडिकल फील्ड में अच्छे डाक्टरों की कमी के रूप में सामने आएगा। प्रदर्शन के दौरान जिला उपाध्यक्ष लकी चौबे, अमित हटिया, अनिमेष गोंडली सहित बड़ी संख्या में एनएसयूआइ कार्यकर्ता, कोचिंग संस्थानों में नीट की तैयारी कर रहे छात्र और पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

    कमल नाथ ने नीट पेपर लीक पर केंद्र को घेरा

    पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक्स पर लिखा है कि नीट-2026 परीक्षा का पेपर लीक होना भाजपा सरकार की परीक्षा प्रणाली की बड़ी नाकामी है। 2015, 2016, 2021, 2024 के बाद अब 2026 में भी वही कहानी दोहराई गई है। हर साल पेपर लीक होता है और हर बार 30 लाख से अधिक छात्रों का भविष्य दांव पर लग जाता है।

    मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार के दौरान हुए व्यापम घोटाले की तरह अब वही माडल राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई दे रहा है। यह देश के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं के अधिकारों पर सीधी डकैती है और पूरी चिकित्सा व्यवस्था को गड्ढे में धकेलने का सुनियोजित षड्यंत्र है। केंद्र सरकार बताए कि जब एनटीए परीक्षा को सुरक्षित नहीं रख पा रही है तो लाखों मेहनती छात्रों के साथ यह अन्याय क्यों हो रहा है। सरकार को तुरंत पारदर्शी और कड़ी निगरानी वाली परीक्षा प्रणाली लागू करनी चाहिए, ताकि छात्रों का भरोसा दोबारा कायम हो सके।

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    नीट रद होना एनटीए की कार्यशैली पर सवाल : डॉ. राकेश मालवीय

    मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीय ने कहा कि नीट परीक्षा का निरस्त होना नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। यह परीक्षा देने वाले छात्रों और उनके माता-पिता के साथ धोखा है और उनके साथ अन्याय हुआ है। सरकारों ने न तो व्यापम कांड से कुछ सीखा और न ही 2024 की नीट परीक्षा में हुई धांधली से। आज देश को आजाद हुए 75 साल हो गए हैं, लेकिन हम अब भी एक पारदर्शी और सच्ची परीक्षा नहीं करवा पा रहे हैं।