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    दतिया उपचुनाव का फैसला सोमवार को: भाजपा के नए चेहरे आशुतोष या कांग्रेस के अनुभवी घनश्याम, किसके सिर सजेगा ताज?

    Updated: Sun, 02 Aug 2026 06:15 PM (IST)

    दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजे सोमवार, 3 अगस्त को आएंगे, जिसमें भाजपा के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह के भाग्य का फैसला होगा। यह परिणाम ...और पढ़ें

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    राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे सोमवार, तीन अगस्त को सामने आएंगे। 30 जुलाई को हुए मतदान के बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। अब मतगणना के साथ ही यह साफ हो जाएगा कि दतिया की जनता ने भाजपा के नए चेहरे आशुतोष तिवारी पर भरोसा जताया है या कांग्रेस के अनुभवी नेता घनश्याम सिंह को मौका दिया है।

    भाजपा ने इस बार पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के स्थान पर आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा है। आशुतोष पहली बार विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं कांग्रेस ने तीन बार विधायक रह चुके घनश्याम सिंह पर दांव लगाया है। ऐसे में मुकाबला नए चेहरे और अनुभवी नेता के बीच माना जा रहा है।

    2023 के मुकाबले नौ फीसदी कम मतदान

    मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद हुए पहले चुनाव में दतिया में 71.44 प्रतिशत मतदान हुआ। यह 2023 के विधानसभा चुनाव की तुलना में करीब नौ प्रतिशत कम है। पिछले चुनाव में मतदान लगभग 80 प्रतिशत रहा था। इस बार महिला मतदाताओं की भागीदारी में भी करीब 12 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

    महिला मतदान में कमी को कांग्रेस अपने पक्ष में मान रही है। पार्टी नेताओं का तर्क है कि पिछले विधानसभा चुनाव में लाड़ली बहना योजना का भाजपा को महिला मतदाताओं के बीच लाभ मिला था। हालांकि, कम मतदान का वास्तविक असर किस दल के पक्ष में गया, यह मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा।

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    नतीजे तय करेंगे कई राजनीतिक समीकरण

    दतिया उपचुनाव का परिणाम सिर्फ एक विधानसभा सीट की जीत-हार तक सीमित नहीं माना जा रहा है। इसके राजनीतिक मायने भी काफी महत्वपूर्ण हैं। परिणाम से पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के राजनीतिक प्रभाव और भविष्य को लेकर भी संकेत मिल सकते हैं। वहीं, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व और पार्टी के चुनाव प्रबंधन की भी इस चुनाव के जरिए परीक्षा मानी जा रही है।

    कांग्रेस के लिए भी यह उपचुनाव अहम है। पार्टी पिछले करीब एक वर्ष से संगठन को मजबूत करने और नए नेतृत्व को तैयार करने पर जोर दे रही है। पंचायत स्तर तक संगठनात्मक समितियां गठित करने के दावे किए गए हैं। ऐसे में दतिया का परिणाम कांग्रेस के संगठनात्मक अभियान के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश लेकर आएगा।

    अगले चुनावों की तैयारियों के लिए भी अहम

    दतिया का नतीजा भले ही प्रदेश सरकार की स्थिरता या बहुमत पर कोई असर न डाले, लेकिन अगले वर्ष प्रस्तावित नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की रणनीति के लिहाज से दोनों दलों के लिए महत्वपूर्ण होगा। जीत से कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा, जबकि हार के बाद संगठन और चुनावी रणनीति की समीक्षा करनी पड़ सकती है।

    यह भी पढ़ें- दतिया का फैसला बताएगा 2028 का मूड! BJP-कांग्रेस के लिए सिर्फ उपचुनाव नहीं, नेतृत्व और संगठन की बड़ी परीक्षा

    दतिया विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को आर्थिक धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में सजा होने के बाद अयोग्य घोषित किए जाने के कारण रिक्त हुई थी। अब सोमवार की मतगणना के साथ ही इस सीट पर नए विधायक की तस्वीर साफ हो जाएगी।