फर्जी IAS तृप्ति सिंह का ठगी नेटवर्क बढ़ा, चौथी FIR दर्ज: MPT के होटल-रिसॉर्ट लीज दिलाने के नाम पर ठगे 50 लाख रुपये
फर्जी आईएएस अधिकारी तृप्ति सिंह के खिलाफ भोपाल में धोखाधड़ी का चौथा मामला दर्ज हुआ है। उस पर मध्य प्रदेश ...और पढ़ें

पुलिस की गिरफ्त में आरोपित फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह व उसका साथी। (फाइल फोटो)
HighLights
तृप्ति सिंह पर फर्जी IAS बनकर ठगी का आरोप।
MPT होटल लीज दिलाने के नाम पर 50 लाख ठगे।
उसके खिलाफ अब तक चार FIR दर्ज हो चुकी हैं।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। खुद को आईएएस अधिकारी और मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एमपीटी) की एडिशनल डायरेक्टर बताकर लोगों को ठगने वाली तृप्ति सिंह की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। बागसेवनिया थाना पुलिस ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी का एक और मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही तृप्ति और उसके साथियों के खिलाफ अब तक चार एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। ताजा मामले में एमपीटी के होटल-रिसॉर्ट लीज पर दिलाने का झांसा देकर करीब 50 लाख रुपये ठगने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक, मूल रूप से बालाघाट निवासी गगन की अगस्त 2025 में भोपाल निवासी रिश्तेदार रोहित के माध्यम से तृप्ति सिंह, उसके भाई सुधांशु सिंह और उनके परिचित प्रखर सिंह से मुलाकात हुई थी। तृप्ति ने खुद को आईएएस अधिकारी बताते हुए दावा किया कि अपने प्रभाव के जरिए वह पर्यटन विभाग के होटल और रिसॉर्ट कम रकम में लीज पर दिलवा सकती है। उसने पचमढ़ी के होटल हाईलैंड, बेटा बावर्ची, तवा रिसॉर्ट, मिडवे ट्रीट समनापुर और रातापानी जंगल लॉज की लीज 50 लाख रुपये में कराने का भरोसा दिलाया।
सरकारी कार और लेटरहेड दिखाकर जीता भरोसा
गगन के अनुसार, तृप्ति के साथ उसका भाई सुधांशु रहता था, जो खुद को रजिस्ट्रार बताता था। प्रखर सिंह भी उनके साथ रहता था और तृप्ति का परिचित बनकर उसके दावों को मजबूत करता था। तृप्ति के साथ सरकारी कार और लेटरहेड देखकर गगन को उसके आईएएस अधिकारी होने पर भरोसा हो गया।
नौ किस्तों में दिए 50 लाख
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसने 14 दिसंबर 2025 से 11 अप्रैल 2026 के बीच नौ किस्तों में करीब 50 लाख रुपये दिए। इनमें लगभग 45 लाख रुपये नकद थे, जबकि बाकी रकम ऑनलाइन खातों में भेजी गई। आरोप है कि तृप्ति ने बायोमैट्रिक और सिग्नेचर वेरिफिकेशन तथा फाइल जल्द आगे बढ़ाने के नाम पर भी अतिरिक्त रकम ली।
लीज नहीं मिली तो सामने आया फर्जीवाड़ा
लंबे समय तक लीज नहीं मिलने पर गगन ने तृप्ति के दावों की पड़ताल शुरू की। उसकी असलियत सामने आने के बाद उसने रकम वापस मांगी। पुलिस में शिकायत की बात कहने पर तृप्ति ने कथित तौर पर सिर्फ 90 हजार रुपये ऑनलाइन लौटाए। पीड़ित का आरोप है कि उसने धमकी देते हुए कहा कि नकद रकम का कोई सबूत नहीं होने के कारण शिकायत करने पर भी रुपये वापस नहीं मिलेंगे।
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नौकरी के नाम पर भी ठगी, चंदेरी से हुई थी गिरफ्तारी
तृप्ति के खिलाफ पहला मामला अशोकनगर के चंदेरी में नौकरी लगवाने के नाम पर करीब 10 लाख रुपये की ठगी का दर्ज हुआ था। इसके बाद एक और प्रकरण सामने आया। चंदेरी पुलिस ने 23 अगस्त को तृप्ति और उसके भाई सुधांशु सिंह को गिरफ्तार किया था। वहीं, बागसेवनिया थाने में इससे पहले रोहित ने एमपीटी के होटल-रिसॉर्ट की लीज दिलाने के नाम पर करीब 39 लाख रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। प्रखर सिंह को भी अशोकनगर पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
तृप्ति सिंह और उसके साथियों को गुरुवार को अशोकनगर जेल से भोपाल लाया जाएगा। यहां इनके गिरोह से संबंधित गहन पूछताछ होगी।
- अमित सोनी, थाना प्रभारी, बागसेवनिया, भोपाल
