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रायसेन जेल में फायरिंग से हड़कंप, हत्या के आरोपित ने प्रहरी को देसी तमंचे से मारी गोली; अधीक्षक निलंबित

Published: Wed, 02 Sep 2026 03:42 PM (IST)Updated: Wed, 02 Sep 2026 09:22 PM (IST)

रायसेन जिला जेल में हत्या के आरोपी बंदी नीलेश ठाकुर ने भागने की कोशिश में प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर को ...और पढ़ें

अस्पताल में उपचाररत घायल जेल प्रहरी। (इनसेट में- आरोपित कैदी नीलेश व निलंबित जेल अधीक्षक आरके चौरे)

अस्पताल में उपचाररत घायल जेल प्रहरी। (इनसेट में- आरोपित कैदी नीलेश व निलंबित जेल अधीक्षक आरके चौरे)

HighLights

  1. बंदी ने भागने की कोशिश में प्रहरी को गोली मारी।

  2. घायल प्रहरी को एम्स भोपाल रेफर किया गया।

  3. जेल में सुरक्षा इंतजाम पर उठे गंभीर सवाल ।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश के रायसेन जिला जेल में बुधवार सुबह सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई। हत्या के आरोप में बंद एक बंदी ने जेल से भागने की कोशिश में प्रहरी को देसी तमंचे से गोली मार दी। गोली प्रहरी की कमर के पीछे लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की प्रारंभिक जांच में हथियार जेल की बाहरी दीवार के पार से भीतर फेंके जाने की आशंका जताई गई है।

घटना के बाद जेल महानिदेशक वरुण कपूर ने कार्यवाहक जेल अधीक्षक आरके चौरे को निलंबित कर दिया है। पूरे मामले की जांच आईजी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है। वहीं पुलिस और जेल प्रशासन सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ बंदियों और जेल कर्मचारियों से पूछताछ कर रहा है।

जन्माष्टमी कार्यक्रम की आड़ में भागने की कोशिश

रायसेन जिला जेल में बुधवार सुबह स्कूली बच्चों के साथ जन्माष्टमी कार्यक्रम प्रस्तावित था। इसी दौरान करीब नौ बजे हत्या के आरोप में बंद नीलेश ठाकुर फलों की टोकरी लेकर जेल के मुख्य गेट तक पहुंचा।

नीलेश ने ड्यूटी पर तैनात प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर से गेट खोलने को कहा। प्रहरी ने जब उसे बाहर जाने की अनुमति नहीं दी तो बंदी ने अचानक देसी तमंचा निकालकर फायर कर दिया। गोली प्रहरी की कमर के पीछे लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा।

गोली की आवाज सुनकर दौड़े प्रहरी

फायरिंग की आवाज सुनते ही जेल में तैनात अन्य प्रहरी सक्रिय हो गए। उन्होंने तत्काल नीलेश ठाकुर को दबोच लिया और हथियार अपने कब्जे में ले लिया। घायल प्रहरी को पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए एम्स भोपाल रेफर किया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी जिला जेल पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी।

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जेल के अंदर तमंचा पहुंचने पर बड़ा सवाल

घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जेल जैसे कड़ी सुरक्षा वाले परिसर के भीतर एक बंदी के पास देसी तमंचा और कारतूस कैसे पहुंचा?

संभागीय पुलिस अधिकारी प्रतिभा शर्मा के अनुसार, नीलेश ठाकुर हत्या के आरोप में जेल में बंद है और वह बरेली के पास स्थित दिमाड़ा गांव का रहने वाला है।

दीवार के बाहर से फेंके जाने की आशंका

जेल महानिदेशक वरुण कपूर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आशंका है कि गोली चलाने में इस्तेमाल किया गया हथियार जेल की बाहरी दीवार के बाहर से अंदर फेंका गया होगा। हालांकि हथियार जेल परिसर तक कैसे पहुंचा और इसे बंदी तक किसने पहुंचाया, इसकी पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही होगी।

फिलहाल सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है और जेल के भीतर तथा बाहर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। बंदी से भी पूछताछ की जा रही है।

आईजी रैंक के अधिकारी को जांच का जिम्मा

घटना की गंभीरता को देखते हुए कार्यवाहक जेल अधीक्षक आरके चौरे का निलंबन कर दिया गया है। आईजी रैंक के अधिकारी को जांच की जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद अब यह पता लगाया जा रहा है कि जेल की सुरक्षा में चूक कहां हुई और हथियार बंदी तक पहुंचने के पीछे कौन जिम्मेदार है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और कार्रवाई होने की संभावना है।