MP में बस सफर होगा महंगा! 25% तक बढ़ सकता है किराया, डेढ़ से पौने दो रुपये प्रति किमी तक हो सकती हैं दरें
मध्य प्रदेश में यात्री बसों का किराया 20-25 प्रतिशत तक बढ़ सकता है, जिससे यह 1.50 से 1.75 रुपये प्रति किलोमीटर हो जाएगा। किराया बोर्ड ने वृद्धि का निर ...और पढ़ें

बस किराया बढ़ाने की तैयारी (प्रतीकात्मक चित्र)
HighLights
यात्री बसों का किराया 20-25% तक बढ़ेगा।
नई दरें 1.50 से 1.75 रुपये प्रति किमी हो सकती हैं।
बस ऑपरेटरों का आंदोलन फिलहाल स्थगित हुआ।
राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश में यात्री बसों से सफर करने वालों के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न मार्गों पर चलने वाली यात्री बसों का किराया इसी महीने 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। परिवहन विभाग मौजूदा किराया दर को बढ़ाकर करीब 1.50 से 1.75 रुपये प्रति किलोमीटर करने की तैयारी में है। किराया वृद्धि को लेकर अधिसूचना इसी माह जारी होने की संभावना है।
फिलहाल प्रदेश में यात्री बसों का किराया 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से निर्धारित है। हालांकि बस ऑपरेटरों ने इसे बढ़ाकर 2.50 रुपये प्रति किलोमीटर करने की मांग की थी।
किराया बोर्ड के निर्णय के आधार पर होगी वृद्धि
बस ऑपरेटरों की किराया वृद्धि समेत सात मांगों को लेकर सोमवार को मंत्रालय में बैठक हुई। इसमें परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन के महामंत्री जयकुमार जैन और उपाध्यक्ष वीरेंद्र साहू सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में बस संगठनों ने किराया बढ़ाकर 2.50 रुपये प्रति किलोमीटर करने की मांग रखी। इस पर मंत्री और अधिकारियों ने बताया कि किराया बोर्ड की बैठक में वृद्धि का निर्णय लिया जा चुका है। अब जल्द ही इसकी औपचारिक अधिसूचना जारी की जाएगी।
बस ऑपरेटरों ने रखीं ये मांगें
बैठक के दौरान बस संगठनों ने यात्रियों के लिए सुगम परिवहन व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे उठाए। संगठनों ने मार्गों के राष्ट्रीयकरण का विरोध किया। उनका कहना है कि इससे निजी बस संचालकों के सामने मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
खबरें और भी
इसके अलावा बसों की अधिकतम 15 वर्ष की आयु सीमा समाप्त करने की मांग भी रखी गई। ऑपरेटरों का तर्क है कि जिस बस की फिटनेस वैध है, उसे केवल उम्र के आधार पर सड़क से हटाने के बजाय फिटनेस प्रमाणपत्र की वैधता तक संचालन की अनुमति दी जानी चाहिए।
7 अगस्त से प्रस्तावित था आंदोलन
बस ऑपरेटरों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन की तैयारी भी कर ली थी। इससे पहले 26 जुलाई को सागर में प्रदेशभर के बस मालिकों की बैठक हुई थी। इसमें सात अगस्त की रात 12 बजे से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया था।
हालांकि सोमवार को सरकार के साथ हुई बैठक और किराया बढ़ाने के आश्वासन के बाद बस संगठनों ने फिलहाल प्रस्तावित अनिश्चितकालीन आंदोलन स्थगित कर दिया है।
अधिसूचना के बाद साफ होगी नई किराया दर
अब परिवहन विभाग की ओर से अधिसूचना जारी होने का इंतजार है। नई दर लागू होने के बाद प्रदेश में बस यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक किराया देना होगा। हालांकि किस मार्ग पर कितना किराया लागू होगा, इसकी स्थिति अधिसूचना जारी होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।