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वसुंधरा राजे का कथित पत्र वायरल करने के आरोप में MP कांग्रेस की IT सेल के तीन कार्यकर्ता भोपाल में गिरफ्तार

Updated: Tue, 21 Apr 2026 07:45 PM (IST)

कांग्रेस ने इन गिरफ्तारियों को गैरकानूनी और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया है, जबकि एमपी पुलिस ने गिरफ्तारी से अनभिज्ञता जताई है।

पुलिस ने तीन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। (प्रतीकात्मक चित्र)

पुलिस ने तीन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। (प्रतीकात्मक चित्र)

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राज्य ब्यूरो, भोपाल। महिला आरक्षण विधेयक का संशोधन प्रस्ताव लोकसभा में गिरने के बाद राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया का एक कथित पत्र इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हो रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत को संबोधित इस पत्र में महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने पर सवाल उठाए गए हैं।

एमपी पुलिस ने जताई अनभिज्ञता

लेकिन वसुंधरा राजे ने बहुप्रसारित पत्र को 'शुभचिंतकों' की कारगुजारी बताते हुए एक्स पर लिखा- सांच को आंच नहीं। वहीं, इस पत्र के लिए मध्य प्रदेश कांग्रेस के आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं को पुलिस ने भोपाल से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार कार्यकर्ताओं के नाम उदय, निखिल और बिलाल बताए जा रहे हैं। हालांकि, तीनों की गिरफ्तारी पर मध्य प्रदेश पुलिस अनभिज्ञता जता रही है, लेकिन कांग्रेस की ओर से दावा किया गया है कि राजस्थान पुलिस के नाम पर गिरफ्तारी की गई है।

तीनों कार्यकर्ताओं की जानकारी लेने के लिए मध्य प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, जिला अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, विवेक त्रिपाठी आदि भोपाल के एमपी नगर थाने पहुंचे। यहां जब कोई जानकारी नहीं मिली तो साइबर पुलिस और फिर पुलिस आयुक्त के पास पहुंचे। यहां भी कोई जानकारी दी गई।

तन्खा ने जताई नाराजगी

इस पर कांग्रेस के राज्य सभा सदस्य विवेक तन्खा ने एक्स पर पोस्ट करके जानकारी साझा की। लिखा कि पिछले 27 घंटों से मध्य प्रदेश साइबर पुलिस भोपाल ने प्रदेश कांग्रेस के आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं को बिना किसी उचित कारण के हिरासत में रखा गया। वसुंधरा राजे के तथाकथित पोस्ट को लाखों लोगों ने देखा, शेयर किया। वह 15-16 अप्रैल से बहुप्रसारित है और जिस पत्र को उन्होंने फर्जी बताकर 18 अप्रैल को पोस्ट किया, उसके कारण पहले तीन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना और बाद में गिरफ्तार किया जाना गैरकानूनी है। इसको हाई कोर्ट में चुनौती देंगे।

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गिरफ्तारी लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ : पटवारी

वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा है कि वसुंधरा राजे का पत्र महिला आरक्षण की आड़ में अवैध परिसीमन करने के संभावित षड्यंत्र की ओर गंभीर संकेत करता है। इसे इंटरनेट मीडिया पर साझा करने के लिए तीन कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी कानून और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ भी है।