Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    MP में कांग्रेस का बड़ा दांव : गैरदलीय आधार पर होने वाले पंचायत चुनावों में प्रत्याशियों को खुला समर्थन देगी पार्टी

    Updated: Mon, 11 May 2026 06:28 PM (GMT+05:30)

    मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने पंचायत चुनावों के लिए अपनी रणनीति बदली है। पंचायत चुनावों में पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को खुला समर्थन देगी, जिसका उद्देश्य ...और पढ़ें

    कांग्रेस ने बदली रणनीति (प्रतीकात्मक चित्र)

    कांग्रेस ने बदली रणनीति (प्रतीकात्मक चित्र)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    वैभव श्रीधर, भोपाल। देश के कई राज्यों और मध्य प्रदेश में कांग्रेस लगातार चुनाव हार रही है। सत्ता में वापसी के लिए तरह-तरह के जतन किए जा रहे हैं। संगठन सृजन के माध्यम से संगठन के सशक्तीकरण के प्रयास के बाद अब पहली बार पंचायत चुनाव में कार्यकर्ताओं को न केवल मैदान में उतारा जाएगा, बल्कि समर्थन भी घोषित किया जाएगा, ताकि स्पष्ट संदेश चला जाए कि पार्टी किसके साथ है। प्रत्याशी चयन के लिए समन्वय बनाने का काम पंचायत समितियों का रहेगा। प्रदेश में 21,478 पंचायत समितियां गठित हो चुकी हैं।

    कांग्रेस ने बदली रणनीति

    प्रदेश में पंचायत चुनाव गैर दलीय आधार पर होते हैं। स्थानीय चुनाव होने के कारण पार्टियां इसमें ज्यादा दखलंदाजी नहीं करती हैं। परिणाम आने के बाद यह दावा जरूर किया जाता है कि कितने पार्टी समर्थक चुनाव जीते हैं। इस बार कांग्रेस ने रणनीति में परिवर्तन किया है। वर्ष 2028 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी के तौर पर नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव में ताकत लगाई जाएगी।

    संगठन को सशक्त करने की मुहिम

    इसके पीछे पार्टी का उद्देश्य यह है कि कार्यकर्ताओं को ग्राम स्तर पर सक्रिय किया जाए। छोटी इकाई होने के कारण अभी चुनाव स्थानीय समीकरण के आधार पर होते हैं। इसमें पार्टी पॉलिटिक्स गौण रहती है लेकिन इसका असर संगठन और विधानसभा चुनाव पर पड़ता है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है कि हम संगठन के सशक्तीकरण के लिए काम कर रहे हैं। पंचायत चुनाव में कार्यकर्ताओं को सरपंच से लेकर जिला व जनपद पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ाया जाएगा। पहली बार बाकायदा समर्थन घोषित करेंगे।

    भाजपा भी बूथ स्तर पर तैयारी में जुटी, समन्वय पर जोर

    उधर, भाजपा भी वर्ष 2027 से प्रारंभ होने वाले चुनाव की तैयारी में जुट गई है। पार्टी प्रत्याशी घोषित तो नहीं करेगी पर प्रत्याशियों को लेकर समन्वय बनाने का काम किया जाएगा। प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल का कहना है कि हमारी तैयारी सालभर 24 घंटे चलती रहती है। बूथ स्तर पर गतिविधियां चलती रहती हैं। ग्राम स्तरीय चुनाव में दलीय राजनीति न हो, पक्ष-विपक्ष की स्थिति न बने, इसलिए प्रत्याशी अधिकृत नहीं करते हैं। जिला और जनपद पंचायत में सदस्य के चुनाव में अवश्य समन्वय बनाने का प्रयास रहता है।

    खबरें और भी

    रजनीश अग्रवाल ने कहा कि पंचायत चुनाव में कांग्रेस यदि कार्यकर्ताओं को अधिकृत करती है तो यह उसका सोच हो सकता है। वैसे यह वही पार्टी है जो चुनाव के पहले कई दावे करती है, लेकिन पिछले चुनाव में ही हमने देखा कि कई नगरीय निकायों में उसे चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशी तक नहीं मिले।

    यह भी पढ़ें- MP में बाल विवाह रोकने के लिए अब ग्रामीण स्तर तक प्रयास, गांव-गांव तैनात होंगे रोकथाम अधिकारी

    स्थानीय चुनावों में होगी संगठन सृजन की पहली परीक्षा

    प्रदेश में कांग्रेस द्वारा चलाए गए संगठन सृजन अभियान की पहली परीक्षा स्थानीय निकायों के चुनाव में होगी। पहली बार नगर अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं तो पंचायत और वार्ड स्तरीय समितियां बनाई गई हैं। मंडलम इकाई नए सिरे से बनाई गई है। नगरीय निकाय और पंचायत के चुनाव बताएंगे कि यह प्रयोग कितना कारगर रहा।