मध्य प्रदेश: कार की EMI से बचने के लिए ससुर को दिया जहर, डिग्गी में लाश रखकर घूम रहा था दामाद
मौ पुलिस ने घमूरी गांव में मिले शव के मामले का खुलासा करते हुए मृतक के छोटे भाई और दामाद को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

HighLights
ससुर की हत्या में दामाद और भाई गिरफ्तार।
कार की EMI से बचने के लिए की गई हत्या।
जहर पिलाकर गला घोंटा, शव डिग्गी में छिपाया।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। मौ थाना पुलिस ने 20 जुलाई को घमूरी गांव में मिले एक व्यक्ति के शव के मामले का खुलासा करते हुए हत्या के आरोप में मृतक के छोटे भाई और दामाद को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पहले जबरन जहरीला पदार्थ पिलाया, फिर साफी से गला घोंटकर हत्या कर दी।
इसके बाद शव को कार में रखकर घमूरी पुलिया के नीचे फेंक दिया। मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
पुलिस के अनुसार, 20 जुलाई 2026 की रात करीब 9.30 से 9.40 बजे ग्राम घमूरी निवासी 45 वर्षीय अतर सिंह जाटव की हत्या की गई। अगले दिन सूचना मिली कि घमूरी पुलिया के पास खेत में उनका शव पड़ा है। इस पर थाना मौ में पहले मर्ग कायम किया गया। हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
एसपी सूरज वर्मा, एएसपी प्रदीप पटेल तथा एसडीओपी गोहद महेन्द्र सिंह गौतम के निर्देशन में थाना प्रभारी रघुवीर सिंह मीणा ने विशेष टीम गठित की। सक्रिय मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपित बबलू जाटव और विजय सिंह जाटव को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
EMI नहीं भरना चाहता था दामाद
आरोपी दामाद बबलू ने पुलिस को बताया कि उसने अपने ससुर के नाम से लोन पर ढाई लाख रुपये में एक सेकंड हैंड कार खरीदी थी, जिसके लिए हर महीने उसे 9 हजार रुपये की ईएमआई भरनी पड़ रही थी।
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ईएमआई के बोझ से बचने के लिए उसने अपने ससुर की हत्या की योजना बनाई। चूंकि मृतक के भाई विजय की भी उससे नहीं बनती थी, ऐसे में वह भी इस हत्या के प्लान में शामिल हो गया।
कार की डिग्गी में शव डालकर घूमे
आरोपियों ने अतर सिंह का शव कार की डिग्गी में डाला, लेकिन शव ठिकाने का मौका नहीं मिला तो 21 जुलाई को शव डिग्गी में डालकर घूमते रहे। रात में मौका पाकर शव पुलिया के नीचे फेंक कर फरार हो गए।
पुलिस का शक न हो जाए इसलिए अगली सुबह दामाद बबलू ने खुद पुलिस को शव की जानकारी दी। आरोपी के कबूलनामे के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
टीआई मीणा के मुताबिक पूछताछ में आरोपितों ने स्वीकार किया कि उन्होंने घर के आंगन में अतर सिंह को जबरन जहरीली दवा पिलाई और साफी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को कार की डिग्गी में रखकर रातभर छिपाए रखा।
अगले दिन उसी कार से दंदरौआ मंदिर दर्शन करने गए और रात में लौटकर घमूरी पुलिया के नीचे शव फेंक दिया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने मृतक का मोबाइल भी नदी में फेंक दिया था। इस कार्रवाई में पुलिस की टीम की सराहनीय भूमिका रही है।