भोपाल-इंदौर में मेट्रो का सफर होगा 'स्मार्ट', अगले माह से शुरू हो रहा ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन
भोपाल और इंदौर मेट्रो में अब ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन (AFC) सिस्टम लागू होगा, जिससे यात्रा हाईटेक और कैशलेस हो जाएगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ...और पढ़ें

भोपाल मेट्रो रेल सेवा (फाइल फोटो)
HighLights
भोपाल-इंदौर मेट्रो में ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम लागू होगा।
यात्री QR कोड, स्मार्ट कार्ड, UPI से कर सकेंगे भुगतान।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) को मिली जिम्मेदारी।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। प्रदेश के दो प्रमुख शहरों- भोपाल और इंदौर में मेट्रो का सफर अब और भी हाईटेक होने जा रहा है। दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन (डीएमआरसी) और मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कार्पोरेशन के बीच एक अहम समझौता हुआ है। इसके तहत अब दोनों शहरों में 'ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन' (एएफसी) सिस्टम लागू किया जाएगा। यानी यात्रियों को अब टिकट के लिए लंबी कतारों में नहीं लगना होगा, बल्कि पूरा सिस्टम कैशलेस और डिजिटल होगा।
अगले महीने से भोपाल में बदलाव
अधिकारियों के अनुसार, भोपाल में ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम शुरू करने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। राजधानी में यह सुविधा अगले 4 से 5 हफ्तों (यानी अगले महीने) के भीतर शुरू हो जाएगी। इसकी शुरुआत सुभाष नगर से एम्स तक के प्रायोरिटी कारिडोर पर की जा रही है, जहां पहले से ही मेट्रो का संचालन हो रहा है। वहीं, इंदौर में इस सिस्टम को पूरी तरह लागू होने में अभी 7 से 8 हफ्तों का समय लग सकता है।
तुर्की की कंपनी हटी, अब डीएमआरसी के हाथ में कमान
गौरतलब है कि इससे पहले भोपाल और इंदौर मेट्रो में एएफसी सिस्टम लगाने का जिम्मा तुर्की की एक कंपनी को दिया गया था। लेकिन कंपनी का नाम सामने आने के बाद सुरक्षा और अन्य कारणों से वह टेंडर निरस्त कर दिया गया। इसके बाद अब यह पूरा काम दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन (डीएमआरसी) को सौंपा गया है। फिलहाल डीएमआरसी उपकरण खरीद, इंस्टालेशन प्लानिंग और वित्तीय अनुमोदन की प्रक्रिया में जुटी है।
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क्या है एएफसी सिस्टम और यात्रियों को क्या होगा फायदा?
आटोमेटिक फेयर कलेक्शन (एएफसी) पूरी तरह से डिजिटल टिकटिंग प्रणाली है। इसके लागू होने से:
- नकद भुगतान और पेपर टिकट की जरूरत खत्म हो जाएगी।
- यात्री क्यूआर कोड, स्मार्ट कार्ड, मोबाइल और यूपीआई के जरिए भुगतान कर सकेंगे।
- स्टेशनों पर आटोमेटिक गेट होंगे, जो कार्ड या कोड स्कैन करने पर (टैप-इन/टैप-आउट) खुलेंगे।
- किराये का कैलकुलेशन अपने आप हो जाएगा, जिससे सफर स्मार्ट और समय की बचत वाला होगा।
इंदौर मेट्रो : 6 नए स्टेशन लगभग तैयार
इंदौर मेट्रो की बात करें तो वहां करीब 5 किलोमीटर के प्रायोरिटी कारिडोर में 5 स्टेशनों पर संचालन जारी है। इसके आगे के 6 किलोमीटर हिस्से में 6 नए स्टेशन भी लगभग बनकर तैयार हैं। मेट्रो के एमडी एस. कृष्णा चैतन्य ने बताया कि इंदौर के अगले छह स्टेशनों के लिए आरडीएसओ से मंजूरी मिल चुकी है, जिसका मतलब है कि तकनीक सुरक्षित है। अब सीएमआरएस निरीक्षण का रास्ता साफ हो गया है, जिसकी दस्तावेजी प्रक्रिया एक हफ्ते में पूरी कर ली जाएगी।