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    भोपाल-इंदौर मेट्रो पर सियासत तेज : मंत्री विजयवर्गीय बोले- 'जनप्रतिनिधियों से बिना चर्चा शहर को थोप दी'; जयवर्धन ने कही यह बात

    Updated: Wed, 25 Feb 2026 02:19 AM (GMT+05:30)

    विधानसभा में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भोपाल-इंदौर मेट्रो परियोजना पर अधिकारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों से चर्चा न करने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा क ...और पढ़ें

    मंत्री कैलाश विजयवर्गीय व पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह।

    मंत्री कैलाश विजयवर्गीय व पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह।

    HighLights

    1. विजयवर्गीय ने मेट्रो प्लानिंग में जनप्रतिनिधियों की अनदेखी पर सवाल उठाए।

    2. विजयवर्गीय ने कहा- मेट्रो का मूल उद्देश्य शहरों को विकेंद्रीकृत करना था।

    3. जयवर्धन सिंह ने मेट्रो को पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जोड़ने पर जोर दिया।

    राज्य ब्यूरो, भोपाल। विधानसभा में मंगलवार को नगरीय विकास एवं आवास विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मेट्रो लेकर कहा कि अधिकारियों ने बैठकर मेट्रो की प्लानिंग कर ली, जन प्रतिनिधियों से चर्चा ही नहीं की और एकदम शहर को थोप दिया। मुझे भोपाल सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा एक बार मेट्रो की बैठक ले लें। मैं भोपाल मेट्रो की बैठक लूंगा, भोपाल के जनप्रतिनिधियों को बुलाकर चर्चा करेंगे।

    इस बीच रामेश्वर शर्मा ने कहा कि लोक भवन वाला काम तो रुकवा दीजिए, नहीं तो विधानसभा भी आना मुश्किल हो जाएगा। इस पर विजयवर्गीय ने कहा कि हम जल्द बैठेंगे। इससे पहले विधायक भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि इंदौर में मेट्रो बन रही लेकिन किसी विधायक से नहीं पूछा गया। वहीं, कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने भी कहा कि इंदौर-भोपाल में मेट्रो तभी सफल हो पाएगा, जब हम उसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जोड़ेंगे। चर्चा के बाद विभाग की 21 हजार करोड़ रुपये और राज्य विधानमंडल के लिए 152 करोड़ रुपये का अनुदान मांग के प्रस्ताव को स्वीकृत किया गया।

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    मेट्रो पर पहले हस्ताक्षर मेरे, लेकिन शहर में चलाने की योजना नहीं थी

    विजयवर्गीय ने कहा कि मेट्रो की फाइल पर पहले हस्ताक्षर मेरे थे, इसे शहर में चलाने की कोई योजना नहीं थी। शहर को डिसेंट्रलाइज करने के लिए भोपाल-विदिशा, भोपाल-होशंगाबाद (नर्मदापुरम), भोपाल-रायसेन के बीच चलाया जाना था जिससे घनत्व कम है। इसी तरह इंदौर से देवास, महू, उज्जैन के बीच प्लान था, लेकिन बीच में 15 माह की कमल नाथ सरकार ने आकर भूमिपूजन कर काम शुरू कर दिया। मैं विश्वास दिलाता हूं मेट्रो इंदौर भोपाल के लिए नहीं, इसे हर शहर के लिए उपयोगी बनाएंगे। उन्होंने कहा स्वच्छता पौधारोपण शुद्ध वायु के लिए इंदौर की तरह प्रदेशभर संस्कार लाना पड़ेगा।

    डेढ़ साल से मास्टर प्लान बनकर तैयार

    विजयवर्गीय ने कहा कि मास्टर प्लान हमने डेढ़ साल पहले ही तैयार कर लिया, मुख्यमंत्री उसे देखकर जारी करेंगे, यह उनका अधिकार है। तीन-चार बार बैठक हो चुकी है। मेट्रोपालिटन एरिया को लेकर रि-कंसीडर करना पड़ेगा, वह कहेंगे तो फिर से री-ड्राफ्ट करेंगे।

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    टैक्स बढ़ाने से लोग नाराज नहीं होते हैं

    मंत्री ने कहा कि मैंने इंदौर का दो बार टैक्स बढ़ाया और 25 प्रतिशत अधिक वोटों से जीता। टैक्स बढ़ने से लोग नाराज नहीं होते, काम नहीं करने से नाराज होते हैं। इस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा आप टैक्स बढ़ाए, काम करिए, लोगों की सुविधा दीजिए, पता नहीं लोग क्यों डरते हैं, हम पीपीपी माडल को इस बार बहुत प्रोत्साहन देने वाले हैं। विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि सीएम जनभागीदारी योजना में जो भी निकाय, नगर निगम काम करेगा उसे विशेष फंड देंगे।

    मूलभूत सुविधाओं के बजट में 550 करोड़ रुपये कम किए

    विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि नगरीय एवं विकास विभाग को पांच प्रतिशत का बजट दिया गया, यह उचित नहीं। मूलभूत सुविधाओं के बजट में 550 करोड़ रुपये कम किए। भागीरथपुरा की दुर्घटना ने प्रदेश के सभी शहरों को सावधान किया है। अमृत योजना में गुणवत्ता के साथ कार्य नहीं हुआ। ठेकेदार डीपीआर निर्माता को नहीं पता कि सीवरेज सिस्टम बनता कैसे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना में अब रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी है, जो गरीब है वह रजिस्ट्री कैसे करेंगे। इससे बहुत कम लोग होंगे जिनके पास रजिस्ट्री होगी। इसका समर्थन सागर से भाजपा विधायक शैलेंद्र जैन ने करते हुए कहा कि कई परिवारों के पास रजिस्ट्री नहीं है।

    स्वच्छता का इंदौर मॉडल सभी निकायों में लागू हो

    जयवर्धन सिंह ने कहा कि इंदौर का स्वच्छता का मॉडल सभी निकायों में लागू किया जाए। आने वाले समय में हम माडल टाउन बनाकर वहां 100 प्रतिशत सीवरेज कवरेज कर एडीबी या वर्ल्ड बैंक को दिखाएं, इससे अच्छा संदेश जा सकता है। 2005 के बाद भोपाल मास्टर प्लान नहीं बन पाया। इंदौर का भी मास्टर प्लान में विलंब हो रहा है। इन्हें जल्द लाया जाए ताकि नियोजित विकास हो सके।