Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    MP News: प्रार्थना के बाद भी शादी नहीं हुई तो मंदिर में की तोड़फोड़, हिंदू संगठनों ने किया विरोध

    By Jagran News Edited By: Jeet Kumar
    Updated: Sun, 11 Feb 2024 07:09 AM (IST)

    मध्य प्रदेश में गुना जिले की बमोरी तहसील मुख्यालय में 31 जनवरी की रात शिव मंदिर में तोड़फोड़ और शिवलिंग बाहर फेंकने वाले आरोपित ग्यारसा प्रजापति ने अप ...और पढ़ें

    प्रार्थना के बाद भी शादी नहीं हुई तो मंदिर में की तोड़फोड़
    प्रार्थना के बाद भी शादी नहीं हुई तो मंदिर में की तोड़फोड़

    जेएनएन, गुना। मध्य प्रदेश में गुना जिले की बमोरी तहसील मुख्यालय में 31 जनवरी की रात शिव मंदिर में तोड़फोड़ और शिवलिंग बाहर फेंकने वाले आरोपित ग्यारसा प्रजापति ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। उसने कहा कि शादी को लेकर भगवान से कई बार प्रार्थना की, लेकिन शादी नहीं हुई तो मंदिर में तोड़फोड़ कर दी। पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया है।

    मंदिर में तोड़फोड़ करना किया स्वीकार

    एसडीओपी गुना विवेक अष्ठाना ने बताया कि एसआइटी को मालूम चला कि ग्यारसा मंदिर के पास ही रहता था, जो घटना वाले दिन से ही गायब है। उसे शनिवार को मूंदौल गांव के समीप से पकड़ा गया। पूछताछ करने पर उसने मंदिर में तोड़फोड़ करना स्वीकार किया।

    साथ ही बताया कि भगवान से कई बार मांग करने के बाद भी उसकी शादी नहीं हो रही थी। 31 जनवरी की रात उसने ज्यादा नशा कर लिया था। गुस्से में आकर रात करीब दो बजे मंदिर के बाहर पड़ा पत्थर उठाकर भगवान शिवजी एवं नंदी की मूर्तियों पर पटक दिया, जिससे मूर्तियां टूट गई थीं।

    हिंदू संगठनों ने बाजार बंद कर मुख्य चौराहे पर धरना दिया

    बता दें कि मंदिर में तोड़फोड़ के बाद आक्रोशित ग्रामीण और हिंदू संगठनों ने बाजार बंद कर मुख्य चौराहे पर धरना दिया था और चक्काजाम कर दिया था। समझाने के बाद भी ग्रामीण चक्काजाम खोलने को तैयार नहीं हो रहे थे। वे आरोपितों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए थे। इसी बीच पुलिस ने पांच आरोपितों को संदेह के आधार पर गिरफ्तार कर लिया था।

    खबरें और भी

    पुलिस ने दो और आरोपितों को पकड़ा

    इसके बाद पुलिस ने दो और आरोपितों को पकड़ा था। सभी के खिलाफ धारा 151 में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू की गई थी। पुलिस अधीक्षक संजीव सिन्हा ने एसआइटी गठित कर निष्पक्ष और बारीकी से विवेचना कर जल्द राजफाश करने के निर्देश दिए थे।