Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    MP में PDS प्रणाली होगी हाईटेक, लाभार्थियों को डिजिटल टोकन से मिलेगा राशन; भोपाल-इंदौर से शुरू होगी नई व्यवस्था

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 11:16 PM (IST)

    मध्य प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को डिजिटल बनाने के लिए भोपाल और इंदौर में आरबीआई की सीबीडीसी का उपयोग कर पायलट परियोजना शुरू की जा रही है। इसक ...और पढ़ें

    पीडीसी प्रणाली के तहत राशन वितरण (प्रतीकात्मक चित्र)

    पीडीसी प्रणाली के तहत राशन वितरण (प्रतीकात्मक चित्र)

    HighLights

    1. भोपाल-इंदौर में PDS के लिए CBDC पायलट परियोजना शुरू।

    2. पात्र हितग्राहियों को डिजिटल वॉलेट में मिलेगा मासिक राशन टोकन।

    3. डिजिटल रुपये का उपयोग केवल उचित मूल्य दुकान से राशन हेतु।

    राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के पात्र हितग्राहियों को अब खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) का इस्तेमाल किया जाएगा। केंद्र सरकार ने इस पायलट परियोजना के लिए भोपाल और इंदौर का चयन किया है।

    सरकार का लक्ष्य दिसंबर तक दोनों शहरों की सभी उचित मूल्य दुकानों को इस डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने का है। इसके लागू होने के बाद राशन लेने की प्रक्रिया में डिजिटल टोकन और क्यूआर कोड की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

    डिजिटल वॉलेट में पहुंचेगा राशन का टोकन

    खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के अनुसार, नई व्यवस्था में प्रत्येक पात्र हितग्राही की मासिक खाद्यान्न पात्रता के आधार पर डिजिटल टोकन सीधे उसके डिजिटल वॉलेट में भेजा जाएगा।

    राशन लेने के लिए हितग्राही को उचित मूल्य दुकान पर पहुंचकर वहां उपलब्ध क्यूआर कोड को पीएनबी डिजिटल रुपी मोबाइल एप से स्कैन करना होगा। टोकन का सत्यापन होते ही पात्रता के अनुसार गेहूं, चावल और अन्य खाद्यान्न उपलब्ध करा दिया जाएगा।

    डिजिटल रुपये से सिर्फ राशन ही मिलेगा

    इस व्यवस्था में उपलब्ध कराया गया डिजिटल रुपया सामान्य लेनदेन के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। इसका उपयोग केवल उचित मूल्य दुकान से पात्र खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए किया जाएगा।

    सरकार का मानना है कि इससे राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और सब्सिडी के दुरुपयोग के साथ-साथ पीडीएस में होने वाली अनियमितताओं पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।

    होगी आधार और राशन कार्ड की जांच

    नई व्यवस्था लागू करने से पहले सभी पात्र हितग्राहियों की आधार और राशन कार्ड की जानकारी का मिलान किया जाएगा। इसके साथ मोबाइल नंबर का सत्यापन और ई-केवाइसी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

    खबरें और भी

    सत्यापन के बाद हितग्राहियों को पीएनबी डिजिटल रुपी ऐप पर ऑनबोर्ड किया जाएगा। वहीं, उचित मूल्य दुकानों को क्यूआर आधारित सीबीडीसी भुगतान प्रणाली से जोड़ा जाएगा।

    यह भी पढ़ें- MP Bus Fare Hike: यात्रियों को महंगाई का झटका, बस किराया 60% तक बढ़ा; जानें नई दरें

    राशन दुकानदारों को दिया जाएगा प्रशिक्षण

    नई डिजिटल व्यवस्था के संचालन के लिए उचित मूल्य दुकानों के विक्रेताओं को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें QR कोड आधारित भुगतान प्रणाली, डिजिटल टोकन के सत्यापन और खाद्यान्न वितरण की पूरी प्रक्रिया समझाई जाएगी।

    भोपाल और इंदौर में पायलट परियोजना की सफलता के बाद इस व्यवस्था को प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में लागू करने की दिशा में आगे कदम उठाए जा सकते हैं।