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MP के निजी स्कूलों पर अब कड़ी निगरानी, कमी मिली तो 2 लाख जुर्माना; मान्यता भी होगी रद

Updated: Mon, 17 Aug 2026 11:31 PM (IST)

मध्य प्रदेश में निजी स्कूलों की निगरानी और गुणवत्ता सुधार के लिए नई सख्त गाइडलाइन जारी की गई है। कमियां पाए जाने पर 2 लाख रुपये का जुर्माना और मान्यता रद करने का प्रावधान है, साथ ही जमीन की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है।

-प्रतीकात्मक चित्र।

-प्रतीकात्मक चित्र।

HighLights

  1. राज्य मान्यता समिति निजी स्कूलों की निगरानी करेगी।

  2. कमियां मिलने पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगेगा।

  3. स्कूलों की मान्यता के लिए जमीन की अनिवार्यता समाप्त।

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में स्कूली शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए सख्त गाइडलाइन जारी की गई है। इसके तहत निजी स्कूलों की निगरानी के लिए राज्य मान्यता समिति का गठन किया गया है। इसमें विभागीय मंत्री को अध्यक्ष और सचिव, आयुक्त और संयुक्त संचालक को सदस्य बनाया गया है। यह समिति स्कूलों का निरीक्षण करेगी, कमियां मिलने पर दो लाख रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा। इसके बाद भी अर्हता पूरी नहीं करने पर मान्यता रद कर ब्लैक लिस्ट भी किया जाएगा।

वहीं निजी स्कूलों के लिए आवश्यक अधोसंरचना, प्रशिक्षित शिक्षक और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी तकनीक से जुड़ी सुविधाओं के साथ ही प्रयोगशाला और लाइब्रेरी भी अनिवार्य की गई है। इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।

दरअसल प्रदेश सरकर ने हाई और हायर सेकंडरी स्कूलों की मान्यता संबंधी नियमों में संशोधन किए हैं। इसमें फर्जी दस्तावेज या गलत जानकारी देकर मान्यता प्राप्त करने वाले निजी स्कूलों पर जुर्माना लगाने व मान्यता निरस्त करने का प्रावधान है। शिक्षकों के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस भी जरूरी होगा।

मान्यता में जमीन की अनिवार्यता समाप्त

नई गाइडलाइन में स्कूलों की मान्यता के लिए जमीन की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। पहले शहरी क्षेत्रों में न्यूनतम 75 डेसीमल (32,670 वर्गफीट) और ग्रामीण क्षेत्रों में एक एकड़ भूमि अनिवार्य थी। इसी तरह आधा किलोमीटर के दायरे में खेल मैदान होने को मान्य किया गया है। वहीं पुराने या छोटे स्कूलों के लिए पुराने मापदंड (जैसे 4000 से 5600 वर्ग फीट) लागू थे, संशोधित नियमों में यह अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है।

किसी स्कूल में पर्याप्त बुनियादी ढांचा और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध है, तो उसे दो पालियों में संचालित करने की अनुमति होगी। कक्षा 9वीं और 10वीं (हाईस्कूल) के लिए कंपोजिट साइंस लैब और कक्षा 11वीं और 12वीं (हायर सेकंडरी) के लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलाजी की अलग-अलग प्रयोगशालाएं अनिवार्य होंगी।

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सालभर कर सकेंगे मान्यता के लिए आवेदन

वहीं स्कूलों की मान्यता के लिए अब ऑनलाइन पोर्टल पर पूरे वर्ष आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। हालांकि आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए 30 सितंबर तक प्राप्त आवेदनों पर ही विचार किया जाएगा। बिना नई मान्यता प्राप्त किए विद्यालय नई शाखा संचालित नहीं कर सकेंगे। भौतिक सत्यापन और अपीलों के निपटारे सहित पूरी प्रक्रिया 28 फरवरी 2027 तक अनिवार्य रूप से पूरी करनी होगी।

स्कूल का मान्यता आवेदन निरस्त होने पर 30 दिन के भीतर आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय के समक्ष अपील कर सकेंगे। आयुक्त के आदेश के विरुद्ध भी 30 दिन में राज्य मान्यता समिति अध्यक्ष/स्कूल शिक्षा मंत्री के समक्ष अपील की जा सकेगी। इसके लिए पांच हजार रुपये शुल्क जमा करना होगा।