MP के डेढ़ लाख शिक्षकों की TET पर नया मोड़, परीक्षा की तैयारी तेज... राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट भी जाएगी सरकार
मध्य प्रदेश में 1.5 लाख शिक्षकों के लिए प्रस्तावित टीईटी की तैयारियां तेज हो गई हैं, जो अगस्त-सितंबर में संभावित है। स्कूल शिक्षा विभाग 2005-2009 के ब ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
1.5 लाख शिक्षकों के लिए टीईटी की तैयारियां तेज।
अगस्त-सितंबर में हो सकती है शिक्षक पात्रता परीक्षा।
2005-09 के शिक्षकों को छूट दिलाने सुप्रीम कोर्ट जाएगी सरकार।
डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में वर्ष 1998 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों के लिए प्रस्तावित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। एक ओर कर्मचारी चयन मंडल परीक्षा आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है, वहीं दूसरी ओर स्कूल शिक्षा विभाग वर्ष 2005 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट दिलाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहा है।
कुछ महीने पहले टीईटी से छूट संबंधी याचिकाएं खारिज होने के बाद विभाग ने परीक्षा कराने की प्रक्रिया तेज कर दी थी। अब कर्मचारी चयन मंडल ने स्कूल शिक्षा विभाग से जिलेवार शिक्षकों का ब्योरा मांगा है, ताकि परीक्षा केंद्रों की संख्या तय की जा सके।
जिला मुख्यालयों पर होंगे परीक्षा केंद्र
मंडल की योजना है कि शिक्षकों को परीक्षा देने के लिए दूसरे जिलों की यात्रा न करनी पड़े। इसी उद्देश्य से अधिकांश परीक्षा केंद्र जिला मुख्यालयों पर बनाए जाएंगे। हालांकि हाल ही में बने नए जिलों के मुख्यालयों को फिलहाल परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। परीक्षा प्रदेश के 50 जिला मुख्यालयों पर आयोजित किए जाने की तैयारी है।
अगस्त-सितंबर में हो सकती है परीक्षा
स्कूल शिक्षा विभाग ने 'समर्थ' पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों की ऑनलाइन कोचिंग भी शुरू करा दी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, टीईटी का आयोजन अगस्त के अंतिम सप्ताह या सितंबर के पहले सप्ताह में किए जाने की संभावना है।
खबरें और भी
2005-09 में नियुक्त शिक्षकों को छूट दिलाने की तैयारी
शिक्षक संगठनों की मांग के बाद स्कूल शिक्षा विभाग वर्ष 2005 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट दिलाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में नई याचिका दायर करने की संभावनाएं तलाश रहा है।
विभाग का तर्क है कि इस अवधि में नियुक्त शिक्षकों का चयन तत्कालीन व्यापमं (व्यावसायिक परीक्षा मंडल) द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से हुआ था। ऐसे में उन्हें दोबारा शिक्षक पात्रता परीक्षा देना उचित नहीं माना जाना चाहिए।
लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) के आयुक्त अभिषेक सिंह ने बताया कि इस संबंध में सभी कानूनी पहलुओं का परीक्षण किया जा रहा है। यदि सर्वोच्च न्यायालय विभाग की दलील स्वीकार करता है, तो हजारों शिक्षकों को बड़ी राहत मिल सकती है।
यह भी पढ़ें- शहरों की दूषित हवा को सोख लेगा शैवाल वाला यह पेड़
डेढ़ लाख शिक्षकों पर पड़ेगा असर
सर्वोच्च न्यायालय के सितंबर 2025 के आदेश के बाद डीपीआई ने वर्ष 1998 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी आयोजित कराने की प्रक्रिया शुरू की थी। इस निर्णय से प्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं।
न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, पांच वर्ष से कम सेवा वाले शिक्षकों को परीक्षा से छूट मिलेगी, जबकि पांच वर्ष या उससे अधिक सेवा पूरी कर चुके शिक्षकों के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय सीमा तक परीक्षा पास नहीं करने वाले शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति का सामना करना पड़ सकता है। इसके लिए 31 अगस्त 2028 तक टीईटी उत्तीर्ण करना आवश्यक होगा।
अगस्त के अंतिम सप्ताह या सितंबर के पहले सप्ताह में पात्रता परीक्षा आयोजित किए जाने की संभावना है।
- केके, द्विवेदी, संचालक, डीपीआई