Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    युवाओं को जोड़ने के लिए मध्य प्रदेश में सरकारी स्तर पर बनाए जाएंगे यूथ क्लब

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 10:19 AM (IST)

    मध्य प्रदेश सरकार 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाएगी, युवाओं को खेलकूद और कौशल विकास से जोड़ने के लिए सरकारी स्तर पर यूथ क्लब बनाएगी। ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    HighLights

    1. 2027 को मध्य प्रदेश में युवा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा।

    2. सरकारी स्तर पर यूथ क्लब बनाकर युवाओं को खेलकूद से जोड़ा जाएगा।

    3. 2 लाख सरकारी पदों पर भर्ती की तैयारी, युवाओं से बजट पर चर्चा।

    डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। इसके लिए तैयारी प्रारंभ कर दी गई हैं। प्रदेश में पहली बार सरकारी स्तर पर यूथ क्लब बनाए जांएगे। इसमें 15 से 29 साल तक के युवाओं को खेलकूद और कौशल विकास की गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।

    वहीं, भारत सरकार के मेरा युवा भारत पोर्टल पर पंजीयन भी कराया जा रहा है। मध्य प्रदेश में 18 से 29 वर्ष आयु वर्ग के 1.39 करोड़ मतदाता हैं।

    हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के आंदोलन को देखते हुए भी यह प्रयास युवाओं को सरकारी तंत्र से जुड़े रहने में सहायता करेगा।उल्लेखनीय है कि प्रदेश में सरकार ने वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।

    इसमें युवाओं से जुड़ी कई गतिविधियां संचालित की जाएंगी। युवाओं को कौशल विकास, स्वयंसेवा, सामुदायिक कार्य और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा।

    खेलकूद व अन्य रचनात्मक एवं सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए ग्रामीण स्तर पर यूथ क्लब का गठन किया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं को संगठित करने के साथ विभिन्न गतिविधियों से जोड़ना है। ग्रामीण विकास मंत्रालय की पहल पर यह कवायद की जा रही है।

    बजट को लेकर युवाओं से करेंगे चर्चा

    आगामी बजट में युवाओं के हिस्से के निर्धारण के लिए राज्य सरकार युवाओं से ही सुझाव लेगी। कालेज से लेकर अलग-अलग स्तर पर संवाद आयोजित किए जाएंगे। इनमें मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव भी शामिल होंगे।

    खबरें और भी

    दो लाख पदों पर भर्ती की तैयारी

    सरकार 2028 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले दो लाख सरकारी पदों पर भर्ती की तैयारी में है। इसके लिए विभागवार वार्षिक कैलेंडर तैयार करवाया जा रहा है। परीक्षाओं के नियमों में भी संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं।

    इसके अंतर्गत अभ्यर्थियों को समान प्रकृति के पदों के लिए बार-बार परीक्षा नहीं देनी होगी। एक ही परीक्षा के माध्यम से सूची तैयार होगी।