MP में पर्यटन केंद्रों पर लापरवाही का 'खौफनाक सच', बरगी क्रूज हादसे ने खोली सुरक्षा इंतजामों की पोल
मध्य प्रदेश के पर्यटन केंद्रों में सुरक्षा उपायों की कमी और बदइंतजामी का खुलासा जबलपुर के बरगी बांध क्रूज हादसे ने किया है। इस घटना में लाइफ जैकेट की अनुपलब्धता, मौसम चेतावनी की अनदेखी और एनजीटी के नियमों का उल्लंघन सामने आया, जिससे कई लोगों की जान गई।

तेज लहरों के बीच डूबा क्रूज।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश में बिना सुरक्षा साधनों के पर्यटन केंद्र चल रहे हैं। बदइंतजामी यह है कि पर्यटन गतिविधि के दौरान अगर कोई दुर्घटना हो जाती है तो रेस्क्यू करने का भी कोई इंतजाम नहीं है। मध्य प्रदेश में पर्यटन के दौरान कई दुखद हादसे हुए हैं, जिनमें हाल ही में 30 अप्रैल को जबलपुर के बरगी बांध में हुआ क्रूज हादसा सबसे प्रमुख है।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी
बरगी बांध में गुरुवार की शाम को हुआ क्रूज हादसा प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अनदेखी का एक गंभीर उदाहरण बनकर सामने आया है। इन घटनाओं में मुख्य रूप से अचानक आए मौसम परिवर्तन, लापरवाही और सुरक्षा मानकों की कमी जैसे कारण सामने आए हैं। इस हादसे में अब तक कई लोगों की मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है। जीवित बचे पर्यटकों और प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया है कि क्रूज स्टाफ ने यात्रियों को लाइफ जैकेट उपलब्ध नहीं कराए थे। कुछ यात्रियों ने स्वयं ही जैकेट ढूंढकर पहने, जबकि अधिकांश के पास यह सुरक्षा कवच नहीं था।

मौसम की चेतावनी की भी अनदेखी की गई है। मौसम विज्ञान विभाग ने क्षेत्र में 40-50 किमी/ घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का ''येलो अलर्ट'' जारी किया था। इसके बावजूद, पर्यटन विभाग के इस क्रूज को पानी में उतरने की अनुमति दी गई।
एनजीटी ने लगाई थी मोटराइज्ड नौकाओं पर रोक
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने 2023 में पेयजल स्रोतों और नर्मदा से जुड़े बांधों में डीजल चालित मोटर नौकाओं के संचालन पर रोक लगाई थी। इसके बावजूद, बरगी बांध में पर्यावरणीय कानूनों का उल्लंघन कर इस मोटराइज्ड क्रूज का संचालन किया जा रहा था। घटना स्थल पर रेस्क्यू के कोई इंतजाम नहीं थे। अन्य पर्यटन केंद्रों में भी यही स्थिति है।

सुरक्षा ऑडिट और लाइफ जैकेट की अनिवार्यता में कमी त्रासदियों का मुख्य कारण
जबलपुर क्षेत्र में यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी जबलपुर के भेड़ाघाट में पर्यटकों की नाव अनियंत्रित होकर पलटने की घटनाएं सामने आती रही हैं। इन हादसों के बाद प्रशासन अक्सर प्रदेशभर में सुरक्षा आडिट और लाइफ जैकेट की अनिवार्यता के निर्देश जारी करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन में कमी इन त्रासदियों का मुख्य कारण बनती है। वाटरफाल (झरनों) से जुड़े हादसों में प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने गए पर्यटकों के साथ कई बार नदी के अचानक जलस्तर बढ़ने या सेल्फी लेने के दौरान हादसे हुए हैं।

पर्यटन मंत्री लोधी ने दिए जांच के आदेश, एमपी में क्रूज संचालन पर रोक
पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने बरगी बांध में क्रूज पलटने के मामले में कहा कि ये बहुत बड़ी घटना हुई है, बहुत ही हृदयविदारक घटना है। मैंने विभाग को जांच के आदेश दिए हैं अगर कोई भी लापरवाही पाई जाती है तो कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी। जितने क्रूज चल रहे हैं उनका पहले परीक्षण किया जाए, सुरक्षित होने पर ही संचालन किया जाएं।
यह भी पढ़ें- जबलपुर क्रूज हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हुई, 18 लोग बचाए गए; रेस्क्यू जारी
दिग्विजय सिंह ने की बरगी हादसे की मजिस्ट्रियल जांच की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय ने बरगी बांध हादसे की मजिस्ट्रियल जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि मुझे पता चला कि एनजीटी ने बांध में क्रूज चलाने से मना किया था तो क्रूज क्यों चलाया रहा था, किसके आदेश पर संचालित हो रहा था, उस अधिकारी पर कार्रवाई हो। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया तो फिर इसे अनदेखा क्यों किया गया। क्रूज में बैठे लोगों के पास लाइफ जैकेट क्यो नहीं थी। कई लापरवाही सामने आ रही है, मामले में मजिस्ट्रियल जांच होनी चाहिए।
हादसा दुखद है, रेस्क्यू जारी है। जहां तक एनजीटी की रोक की बात है तो बरगी बांध पर क्रूज संचालन की कोई रोक नहीं है।
- इलैयाराजा टी, सचिव मप्र पर्यटन
पर्यटन गतिविधियों के दौरान हादसों में गई जान
जबलपुर क्रूज हादसा 30 अप्रैल 2026 : पर्यटकों से भरा एक क्रूज अचानक आई आंधी के कारण जबलपुर के बरगी बांध में खमरिया द्वीप के पास पलट गया। हादसे में कई लोगों की मृत्यु हो गई।
पातालपानी हादसा 2011 : महू के पास पातालपानी वाटरफाल में पिकनिक मना रहे एक ही परिवार के पांच लोग अचानक आए फ्लैश फ्लड (तेज बहाव) में बह गए थे, जिसका वीडियो देशभर में चर्चा का विषय बना था।
सुलतानगढ़ वाटरफाल 2018 : शिवपुरी जिले में स्वतंत्रता दिवस के दिन अचानक पानी बढ़ने से नौ लोग बह गए थे, जिनमें से छह के शव बरामद हुए थे।
बृहस्पति कुंड 2025 : पन्ना जिले के इस वाटरफाल में नहाते समय तीन किशोरों की डूबने से मौत हो गई थी।
हाथीनाला-बिल्धा वाटरफाल 2025 : नरसिंहपुर जिले में जबलपुर के तीन छात्रों की डूबने से जान गई।
जोगीभड़क वाटरफाल 2025 : धार जिले में एक 22 वर्षीय छात्रा ट्रेकिंग के दौरान 600 फीट गहरी खाई में गिर गई थी।
