Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    इंदौर जल त्रासदी के बाद MP में पानी की सुरक्षा पर बड़ा निवेश, 5000 करोड़ रुपये से पूरी होंगी 'अमृत' की अधूरी परियोजनाएं

    Updated: Sun, 01 Feb 2026 02:38 PM (IST)

    मध्य प्रदेश में जल सुरक्षा बढ़ाने के लिए ₹5000 करोड़ की लागत से मुख्यमंत्री शहरी विकास अधोसंरचना के तहत पाइपलाइन मरम्मत और सीवरेज कार्य होंगे। इंदौर ज ...और पढ़ें

    इंदौर जल त्रासदी के बाद पेयजल पाइपलाइन के सुधार पर फोकस (फाइल फोटो)

    इंदौर जल त्रासदी के बाद पेयजल पाइपलाइन के सुधार पर फोकस (फाइल फोटो)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में पाइपलाइनों की मरम्मत और बदलने के लिए लंबे समय के उपाय किए जा रहे हैं। इसमें मुख्यमंत्री शहरी विकास अधोसंरचना पांचवें के तहत 5000 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस प्रोजेक्ट में अमृत परियोजनाओं के गैप को भी भरा जाएगा और लंबे समय से लंबित काम जैसे पानी की सप्लाई और सीवरेज के काम भी किए जाएंगे।

    चलाया विशेष अभियान

    प्रदेश में पानी के प्रदूषण को रोकने और इंदौर की तरह अन्य स्थानों पर ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए राज्य स्तर पर खास कदम उठाए जा रहे हैं। 10 जनवरी से एक राज्यव्यापी स्वच्छ जल अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों में नागरिकों को सप्लाई किए जाने वाले पीने के पानी की गुणवत्ता निर्धारित करना, पानी सप्लाई सिस्टम में लोगों का भरोसा बनाना और पानी के मामले में सुरक्षित शहरों और गांवों का सपना पूरा करना है।

    यह है थीम

    इस अभियान की थीम है जल सुरक्षा, जल संरक्षण, जल जागरूकता यानी जल सुरक्षा, जल संरक्षण, जल सुनवाई। इस अभियान के तहत 90453 पानी के सैंपल लिए गए और पानी की टेस्टिंग की गई जिनमें से 973 फेल हुए है। 9801 अमृत मित्र महिलाएं घर-घर जाकर पानी के सैंपल इकट्ठा कर रही हैं।

    हर मंगलवार को जल सुनवाई की जा रही है और पानी के प्रदूषण से जुड़े मुद्दों को हल किया जा रहा है। जल सुनवाई में 2821 मामले सुलझाए गए हैं। पेयजल और सीवरेज का काम कर रही 10 से अधिक ठेका कंपनियों को ब्लैक लिस्ट किया गया है।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- SIR in MP: भोपाल में वोटर लिस्ट से नाम कटवाने की साजिश? लीलाधर के नाम से ही पहुंचीं 7 आपत्तियां, पूछा तो बोला- मैंने तो एक भी नहीं लगाई

    3144 ओवरहेड टैंक किए साफ, 185 ट्यूबवेल बैन

    पानी की सप्लाई और सीवर लाइनों के लीकेज और क्रासिंग पाइंट की पहचान प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है और उनकी मरम्मत की जा रही है। अब तक 15718 लीकेज की पहचान की गई है और 14661 की मरम्मत की गई है। 21215 ट्यूबवेल में से 9668 ट्यूबवेल की टेस्टिंग की गई है। 185 ट्यूबवेल प्रदूषित पाए गए और उन्हें पीने के पानी के लिए बैन कर दिया गया। 3298 ओवर हेड टैंक में से 3144 को साफ किया गया है।