MP में गेहूं किसानों के लिए खुशखबरी...MSP पर 40 रुपये बोनस देगी सरकार, पंजीयन तिथि भी बढ़ाई
मध्य प्रदेश सरकार ने गेहूं उत्पादक किसानों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति क्विंटल पर 40 रुपये बोनस देने की घ ...और पढ़ें

गेंहू की उपज (प्रतीकात्मक चित्र)

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डिजिटल डेस्क, भोपाल। कृषि वर्ष में किसानों के हित में एक के बाद एक लिए जा रहे निर्णय के क्रम में शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक और बड़ा निर्णय करते हुए तय किया है कि समर्थन मूल्य (MSP) 2585 पर गेहूं की खरीदी पर प्रति क्विंटल 40 रुपये बोनस दिया जाएगा। इसे मिलाकर किसान को प्रति क्विंटल 2,625 रुपये मिलेंगे। वहीं, उपार्जन के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि सात से बढ़ाकर दस मार्च कर दी गई है ताकि कोई भी पात्र किसान शेष न रहे।
उडद पर प्रति क्विंटल 600 रुपये बोनस दिया जाएगा। उपज का शत प्रतिशत उपार्जन भी किया जाएगा। ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी भी की जाएगी, लेकिन उड़द की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा।
पिछले साल खरीदा था 77 लाख टन गेहूं
2026-27 के लिए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,585 रुपये निर्धारित किया गया है। गत वर्ष 175 रुपये बोनस देकर 2,600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से नौ लाख से अधिक किसानों से 77 लाख टन गेहूं खरीदा गया था। चूंकि, भारत सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ा दिया है इसलिए 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा। इससे उन्हें प्रति क्विंटल 2,625 रुपये मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री आवास स्थित समत्व कार्यालय में हुई बैठक में कहा कि सरकार ने किसानों के हित में अपने संकल्प-पत्र में वर्ष 2028 तक 2700 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदने का संकल्प लिया है, जिसे आगामी वर्षों में पूरा कर उससे भी आगे निकलेंगे। इस दौरान संघ पदाधिकारियों ने कुछ स्थानों पर गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन में कठिनाई आने की बात रखी तो मुख्यमंत्री ने अंतिम तिथि सात से बढ़ाकर 10 मार्च कर दी।
12 लाख से अधिक किसान करा चुके हैं पंजीयन
समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए अब तक 12,04,708 किसान पंजीयन करा चुके हैं। यह व्यवस्था पूरी तरह निश्शुल्क रखी गई है। ग्राम और जनपद पंचायत, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्रों के साथ प्राथमिक और विपणन सहकारी संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केंद्र पर सुविधा दी गई है। साथ ही एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कामन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है।
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कब कहां होगी खरीदी
गेहूं का उपार्जन इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 16 मार्च से पांच मई तक होगा। जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, शहडोल, चंबल और सागर में उपार्जन 23 मार्च से 12 मई तक किया जाएगा।
97 लाख हेक्टेयर में हुई बोवनी
प्रदेश में गेहूं की बोवनी 97 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में की गई है। लगभग 350 लाख टन उत्पादन की संभावना है। गत वर्ष 80 लाख टन उपार्जन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इस बार इससे अधिक खरीदी हो सकती है। इसके लिए सरकार नागरिक आपूर्ति निगम को अपनी गारंटी पर भारतीय रिर्जव बैंक से ऋण दिलाएगी।
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62,944 करोड़ रुपये के कर्ज में निगम
उपार्जन करने के लिए बैंक से जो ऋण नागरिक आपूर्ति निगम लेता है, उसकी प्रतिपूर्ति भारत सरकार करती है लेकिन इस प्रक्रिया में काफी समय लगता है। निगम पर कुल देनदारी लगभग 63 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। प्रतिदिन करीब 14 करोड़ रुपये का ब्याज चुकाना पड़ रहा है। मार्च 2021 में यह कर्ज 37,381 करोड़, 2022 में 44,612, 2023 में 39,442 करोड़, 2024 में 35,998 करोड़, 2005 में 47,652 करोड़ और 13 नवंबर 2025 तक यह 62,944 करोड़ रुपये हो गया।
गेहूं की 2700 रुपए प्रति क्विंटल पर हो खरीदी
भारतीय किसान संघ के प्रदेश महामंत्री चंद्रकांत गौर ने बताया कि हमने गेहूं की 2700 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदी करने की मांग रखी है। साथ ही मंडियों में डाकोज टेस्टिंग मशीन और 10 टन क्षमता के तौल कांटे लगाने, बिजली फोरम गठित करने, सौर ऊर्जा में 100 प्रतिशत अनुदान देने, विकास प्राधिकरण लैंड पुलिंग योजना से भूमि अधिग्रहण न करने, कृषि यंत्रों पर जीएसटी कम कर अनुदान पर उपलब्ध कराने, सभी फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदने, कैलारस शुगर मिल चालू करने, श्रीअन्न का भुगतान आदि विषय पर मांग रखी। मुख्यमंत्री ने सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया गया। इस दौरान संघ के क्षेत्र संगठन मंत्री महेश चौधरी, अखिल भारतीय उपाध्यक्ष राम भरोस वासोतिया, अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख राघवेंद्र सिंह पटेल, मालवा प्रांत अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पटेल, महामंत्री रमेश दांगी, मध्यभारत प्रांत अध्यक्ष सर्वज्ञ दीवान, महामंत्री शिवनंदन रघुवंशी, महाकौशल प्रांत महामंत्री प्रहलाद सिंह पटेल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।