Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    'धरती गर्म हो रही, दफीना बलि मांग रहा...' रायसेन में गड़े धन के लालच में कारोबारी की नृशंस हत्या; तीन गिरफ्तार

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 10:26 PM (GMT+05:30)

    रायसेन के गैरतगंज में विजय जैन की हत्या गड़े धन के लालच और तांत्रिक क्रियाओं के अंधविश्वास के चलते की गई, जिसमें तीन आरोपित गिरफ्तार हुए। पुलिस ने तकन ...और पढ़ें

    पुलिस ने हत्याकांड में शामिल तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया।

    पुलिस ने हत्याकांड में शामिल तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया।

    HighLights

    1. गैरतगंज में विजय जैन की हत्या गड़े धन के लालच में हुई।

    2. तांत्रिक क्रियाओं और मानव बलि के अंधविश्वास का मामला।

    3. पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर खुलासा किया।

    डिजिटल डेस्क, भोपाल। रायसेन जिले के गैरतगंज में चर्चित विजय जैन हत्याकांड का पुलिस ने शव मिलने के कुछ ही घंटों के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार यह हत्या गड़े धन (दफीना) को निकालने के लालच में तांत्रिक क्रियाओं और मानव बलि के अंधविश्वास के चलते की गई। मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

    एसडीओपी सोनाली गुप्ता ने बताया कि मुख्य आरोपी प्रहलाद साहू (64) निवासी हिनोतिया खास, उसका पुत्र टीकम साहू (34) तथा करीम खान (35) निवासी उड़दमऊ इस हत्याकांड में शामिल पाए गए हैं। पूरे मामले का खुलासा तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और पूछताछ के आधार पर हुआ।

    पुलिस के अनुसार विजय जैन पहले से ही आरोपितों के साथ गड़े धन की तलाश में जुड़ा हुआ था। गत 7 जुलाई की शाम करीब 7:30 बजे प्रहलाद साहू के फोन आने पर विजय ने अपना मोबाइल बंद किया और प्रहलाद की मोटरसाइकिल से परासिया नदी की ओर रवाना हुआ। वहां पहले से टीकम साहू और करीम खान फावड़ा व कुल्हाड़ी लेकर मौजूद थे।

    तांत्रिक क्रिया के बाद किया हत्या का इशारा

    पुलिस के मुताबिक परासिया नदी किनारे एक चबूतरे के पास प्रहलाद साहू ने तांत्रिक क्रियाएं शुरू कीं। अगरबत्ती जलाकर उसने कहा कि ‘धरती गर्म हो रही है, दफीना बलि मांग रहा है।’ इसके बाद उसने दोनों साथियों को इशारा किया। आरोप है कि करीम खान ने कुल्हाड़ी से विजय जैन की गर्दन पर वार किया, जबकि प्रहलाद और टीकम ने उसे पकड़ रखा था। मृत्यु होने के बाद तीनों आरोपितों ने घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूर नदी किनारे गड्ढा खोदकर शव दफना दिया और फरार हो गए।

    खबरें और भी

    तकनीकी साक्ष्यों से खुली परतें

    विजय जैन की गुमशुदगी के बाद पुलिस लगातार जांच में जुटी थी। कॉल डिटेल में सामने आया कि घटना वाले दिन विजय की सबसे अधिक बातचीत प्रहलाद साहू से हुई थी। प्रारंभिक पूछताछ में प्रहलाद ने मकान बिक्री के संबंध में बातचीत होने की बात कहकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस ने कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी रखी।

    सोमवार, 13 जुलाई को शव मिलने के बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, जिसमें प्रहलाद और करीम ने पूरा घटनाक्रम स्वीकार कर लिया। इसके बाद हत्या का मामला दर्ज कर तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, फावड़ा, मोटरसाइकिल तथा तीनों के मोबाइल फोन जब्त किए हैं।

    भोपाल में हुआ अंतिम संस्कार

    मृतक विजय जैन का अंतिम संस्कार भोपाल में किया गया, जहां उनका परिवार निवास करता है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी डीपी लोहिया, बेगमगंज निरीक्षक राजीव उइके, उपनिरीक्षक सुनंदा खरे, सहायक उपनिरीक्षक सुरेंद्र सिंह, काफिला शेख, संतोष गीद, गणेश चोरसे, प्रधान आरक्षक राजवीर सिंह, सुनील पठारिया, ललन, राहुल चोरसे, नवीन पांडे, आरक्षक भरत दांगी, सौरभ राजपूत, अमित बोहरे, विकलेश सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

    सूत्रों के अनुसार विजय जैन के पिता ताराचंद जैन ने वर्षों तक व्यापारियों को बड़ी मात्रा में ब्याज पर धन दिया था तथा उनके पास सोना-चांदी और नकदी होने की चर्चा रही। हालांकि विजय की मृत्यु के बाद ऐसी भी जानकारी सामने आई कि उनके घर में अब वैसी संपत्ति नहीं मिली। इस संबंध में भी तरह-तरह की चर्चाएं बनी हुई हैं।

    यह भी पढ़ें- MP में साइबर ठगों का बड़ा खेल: पकड़ से बचने 77 लेयर के खातों तक घुमाई रकम, 3.3 लाख म्यूल खाते चिह्नित

    अब भी अनसुलझे कई सवाल

    पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा कर आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन यह मामला कई अनसुलझे सवाल भी छोड़ गया है।

    • -यदि हत्या का उद्देश्य गड़ा धन निकालना था, तो हत्या के बाद वहां खुदाई क्यों नहीं की गई?
    • -आरोपित अपने साथ फावड़ा और कुल्हाड़ी तो लाए, लेकिन खुदाई के लिए आवश्यक अन्य उपकरण क्यों नहीं थे?
    • -स्थानीय चर्चाओं के अनुसार तांत्रिक मान्यताओं में बलि के लिए शारीरिक रूप से पूर्ण व्यक्ति को चुना जाता है, जबकि विजय जैन एक आंख से दिव्यांग थे।
    • -बताया जाता है कि विजय जैन संपन्न परिवार से थे। ऐसे में वे गड़े धन के लालच में कैसे और क्यों आए?