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    सीहोर के मदरसे में गूंजा श्रीमद्भगवत गीता का संदेश, तालीम ले रहे बच्चों को बताया 'कर्मयोग' का सार

    Updated: Tue, 27 Jan 2026 02:13 PM (IST)

    भोपाल से सटे सीहोर के दोराहा स्थित मदरसा इस्लामिया में गणतंत्र दिवस पर पहली बार श्रीमद्भगवद्गीता पर चर्चा हुई। विद्यार्थियों ने 'कर्मयोग' अध्याय का पा ...और पढ़ें

    मदरसे में बच्चों को ऑनलाइन संबोधित करते एडीजी राजा बाबू सिंह।

    मदरसे में बच्चों को ऑनलाइन संबोधित करते एडीजी राजा बाबू सिंह।

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    डिजिटल डेस्क, भोपाल। राजधानी भोपाल से सटे सीहोर जिले के ग्राम दोराहा स्थित मदरसा इस्लामिया मदीन अतुल उलूम में गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक ऐतिहासिक पहल देखने को मिली। यहां पहली बार मदरसे में श्रीमद्भगवद्गीता पर चर्चा आयोजित की गई, जिसमें सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से बैठकर गीता के ‘कर्मयोग’ अध्याय का पाठ किया। इस अनूठे आयोजन ने आपसी भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का मजबूत संदेश दिया।

    ऑनलाइन किया संबोधित

    प्रदेश पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) राजा बाबू सिंह ने इस अवसर पर ऑनलाइन माध्यम से विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कर्मयोग पर व्याख्यान दिया। यह कार्यक्रम दोराहा मदरसे के प्रमुख मौलवी अजीमुल्ला की पहल पर आयोजित किया गया। बताया जा रहा है कि किसी मदरसे में गीता पर व्याख्यान का यह पहला अवसर है।

    बताई गीता की महत्ता

    अपने संबोधन में एडीजी राजा बाबू सिंह ने मदरसे के वरिष्ठ आलिम अमीन उल्ला से संवाद करते हुए कहा कि जिस प्रकार कुरान जीवन को सही दिशा देने की शिक्षाएं देता है, उसी तरह गीता में भी जीवन के लिए श्रेष्ठ और प्रेरणादायक विचार निहित हैं। सभी धर्मग्रंथ मानवता, सद्भाव और नैतिक मूल्यों का संदेश देते हैं। यदि बच्चों को कुरान के साथ-साथ गीता की अच्छी शिक्षाओं से भी परिचित कराया जाए, तो समाज में सकारात्मक सोच का प्रसार होगा।

    आपसी सद्भाव और देशभक्ति भावना पर जोर

    एडीजी सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बच्चों को सकारात्मक सोच अपनाने और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हुए कहा कि भारत को आजादी दिलाने में सभी धर्मों और समुदायों के लोगों का समान योगदान रहा है। इस आजादी को बनाए रखने के लिए आपसी प्रेम, भाईचारा और देशभक्ति की भावना को मजबूत करना जरूरी है।

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    पढ़ाए जाएंगे गीता के प्रेरक विचार 

    कार्यक्रम के दौरान मदरसे में सौहार्द, भाईचारे और देशभक्ति का भाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला। इस अवसर पर बड़े आलिम अमीन उल्ला और छोटे आलिम लिका उल्ला ने आश्वासन दिया कि मदरसे में कुरान की शिक्षा के साथ-साथ गीता के प्रेरक विचार भी बच्चों को बताए जाएंगे, ताकि वे अच्छे इंसान और जिम्मेदार नागरिक बन सकें। एडीजी राजा बाबू सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए दोनों आलिम साहब की प्रशंसा की और इसे सामाजिक एकता की प्रेरक मिसाल बताया।