त्विषा केस: पूर्व जज गिरिबाला ने दिखाई अकड़, कोर्ट में नाम से बुलाए जाने पर भड़कीं
मॉडल त्विषा शर्मा की मौत के मामले में आरोपित पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह ने कोर्ट और जेल में अकड़ दिखाई। उन्होंने कोर्ट में नाम से बुलाए जाने पर आपत्त ...और पढ़ें

कोर्ट की कार्यवाही के बाद गिरिबाला सिंह को ले जाती सीबीआई की टीम।

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डिजिटल डेस्क, भोपाल। मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में आरोपित सेवानिवृत्त जिला जज गिरिबाला सिंह की कोर्ट कक्ष में और जेल पहुंचने पर भी अकड़ बरकरार रही। गिरिबाला सिंह कोर्ट में नाम से बुलाए जाने पर भड़क गईं। 14 दिन की न्यायिक हिरासत के आदेश के बाद सेंट्रल जेल पहुंचीं तो भीतर तक गाड़ी में बैठकर भीतर ले जाने का दबाव बनाया। हालांकि, नियमों का हवाला देकर जेल अधिकारियों ने उनको इसकी अनुमति नहीं दी तो उन्हें बेटे समर्थ के साथ पैदल ही अंदर जाना पड़ा।
एक घंटा चली बहस
दरअसल, पांच दिन की रिमांड खत्म होने पर मंगलवार को सीबीआई ने मृतका त्विषा की सास और पति को भोपाल की न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) शोभना भलावे की कोर्ट में पेश किया। यहां सीधे नाम से बुलाए जाने पर भड़कीं गिरिबाला ने कहा कि क्या उनके नाम के आगे श्रीमती या मैडम नहीं लगाया जा सकता? दोपहर ठीक 12 बजे शुरू हुई कोर्ट की कार्यवाही पूरे एक घंटे चली।
गिरिबाला ने खुद की पैरवी
यहां आरोपित के तौर पर हाथ में पानी की बोतल पकड़े खड़ीं गिरिबाला ने अपनी पैरवी स्वयं की। बहस के दौरान वह आत्मविश्वास से लबरेज और आक्रामक नजर आईं। चूंकि सीबीआई की ओर से कोर्ट से कहा गया कि फिलहाल उन्हें दोनों आरोपितों की रिमांड की आवश्यकता नहीं है। इस पर कोर्ट ने दोनों को 14 दिन की (16 जून तक के लिए) न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।
जेल के द्वार पर कार से उतरने से इंकार
हालांकि, खतरे की आशंका को देखते हुए कोर्ट ने दोनों को सेंट्रल जेल में अन्य कैदियों से अलग रखने का आदेश भी दिया। इसके बाद दोनों को अलग-अलग कार में सीबीआई टीम सेंट्रल जेल लेकर पहुंची। मुख्य द्वार पर सुरक्षाकर्मियों ने नियमानुसार पूर्व जज को कार से उतरकर पैदल अंदर जाने को कहा, लेकिन वहां मौजूद मीडियाकर्मियों को देख गिरिबाला ने कार से उतरने से साफ मना कर दिया। बता दें कि त्विषा का शव 12 मई को ससुराल में मिला था। मायके पक्ष ने इसे हत्या बताते हुए केस दर्ज कराया।
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तुरंत बंद होना चाहिए मीडिया ट्रायल
कोर्ट में गिरिबाला ने कहा कि केस में मीडिया ट्रायल तुरंत बंद होना चाहिए। हम जहां भी जाते हैं, मीडिया पहले से पहुंच जाती है। इससे उनकी जान को खतरा है। सोमवार को सीन रीक्रिएशन के लिए ले जाने के दौरान सीबीआई ने गाड़ी को उनके घर से तीन घर पहले रोककर उन्हें उतार दिया, ताकि मीडिया फुटेज बना सके। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज लीक होने के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी तरफ से कोई फुटेज जारी नहीं किया गया है।
गिरिबाला ने वकील पर लगाया मारपीट का आरोप
गिरिबाला ने मृतका त्विषा के स्वजन के वकील अनुराग श्रीवास्तव पर आरोप लगाया कि उन्होंने जबलपुर कोर्ट परिसर में उनके बेटे समर्थ के साथ मारपीट की। इस पर वकील अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि जबलपुर कोर्ट में चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, कोर्ट तुरंत फुटेज निकालकर जांच करा सकता है।