त्विषा शर्मा केस: गिरिबाला और समर्थ 5 दिन की CBI रिमांड पर, होगी आमने-सामने पूछताछ
त्विषा शर्मा मौत मामले में सीबीआई ने रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके वकील बेटे समर्थ सिंह को विशेष अदालत में पेश किया। अदालत ने दोनों आरोपितों को पा ...और पढ़ें

गिरिबाला सिंह व समर्थ सिंह।

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डिजिटल डेस्क, भोपाल। राजधानी के चर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में जांच अब और गहराती जा रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके वकील बेटे समर्थ सिंह को विशेष अदालत में पेश किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने दोनों आरोपितों को पांच दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है।
शुक्रवार सुबह सीबीआई की टीम दोनों आरोपियों को लेकर प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी शोभना भाल्वे की अदालत पहुंची। जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि केस के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर अभी पूछताछ और तकनीकी साक्ष्य जुटाना बाकी है, जिसके लिए रिमांड जरूरी है। कोर्ट ने उनकी दलील स्वीकार करते हुए दोनों आरोपितों की 2 जून तक सीबीआई रिमांड मंजूर की है।
समर्थ की दोबारा मिली रिमांड
गौरतलब है कि त्विषा शर्मा का पति समर्थ सिंह पहले से ही सीबीआई की रिमांड में था। शुक्रवार को उसकी पूर्व रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद उसे दोबारा अदालत में पेश किया गया। सूत्रों के अनुसार, आगामी पूछताछ में सीबीआई दोनों आरोपितों को आमने-सामने बैठाकर सवाल-जवाब करेगी। जांच एजेंसी समर्थ सिंह की फरारी के दौरान उसकी लोकेशन, संपर्कों और मददगारों के बारे में भी गहन पड़ताल कर रही है।
गुरुवार को गिरफ्तार हुई थीं गिरिबाल
गौरतलब है कि मप्र हाईकोर्ट द्वारा गिरिबाला की अग्रिम जमानत रद किए जाने के बाद सीबीआई ने उन्हें गुरुवार शाम को गिरफ्तार किया था। इसके लिए टीम गुरुवार सुबह करीब 10 बजे गिरिबाला के घर पहुंच गई थी और करीब आठ घंटे तक उनसे पूछताछ की। इसके बाद टीम उन्हें गिरफ्तार कर मैनिट स्थित अपने कैंप ले गई थी।
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गुरुवार को पूछताछ के दौरान अधिकारियों ने गिरिबाला, त्विषा व समर्थ के रिश्तों को लेकर सवाल किए। मामले से जुड़े कई तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर भी सवाल किए गए। जांच एजेंसी पहले ही इस मामले में कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जब्त कर चुकी है।
टनल व्यू तकनीक से जांच
जानकारी के मुताबिक मामले की जांच को नई दिशा देते हुए सीबीआई ‘टनल व्यू इन्वेस्टिगेशन’ तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। एजेंसी त्विषा शर्मा के आखिरी घंटों का वर्चुअल रीक्रिएशन तैयार कर रही है, ताकि घटना से पहले और बाद की हर गतिविधि को मिनट-दर-मिनट समझा जा सके। जांच अधिकारियों का मानना है कि इस तकनीक से केस की कई अनसुलझी कड़ियों को जोड़ने में मदद मिल सकती है।