यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 14, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भोपाल मेमोरियल अस्पताल की लिफ्ट में फंस चिल्लाती रही महिला, 3 किमी दूर से बेटे ने आकर बचायी जान
भोपाल मेमोरियल अस्पताल (Bhopal Memorial Hospital)में अपनी मां का इलाज करवाने आयी महिला काफी देर तक लिफ्ट में फंस चिल्लाती रही लेकिन अस्पताल में किसी ...और पढ़ें

भोपाल, जागरण आनलाइन डेस्क। भोपाल मेमोरियल अस्पताल ( Bhopal Memorial Hospital) में मंगलवार को हुई एक घटना ने इस हकीकत को उजागर कर दिया है कि करोड़ों के बजट से बैठे सरकारी अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों का कितना ख्याल रखा जा रहा है।
लिफ्ट को ठोंकती रही महिला
मां का इलाज कराने आई महिला प्रमिला इस अस्पताल की लिफ्ट में शर्मा फंस गई, वह चिल्लाती रही, लोगों को बुलाने के लिए लिफ्ट को ठोंकती रही लेकिन अस्पताल के कर्मचारी उसे बचाने नहीं पहुंचे।
महिला की किसी तरह अपने बेटे प्रदीप से मोबाइल पर बात हुई। फिर बेटा मां को बचाने के लिए तीन किलोमीटर दूर जेपी नगर से अस्पताल पहुंचा और लिफ्ट खोलकर मां की जान बचाई।
जेपी अस्पताल की लिफ्ट में फंसे बच्चे
अस्पताल की लापरवाही का एक और मामला सामने आया है, बता दें कि इससे पहले सोमवार को बच्चे भटककर जेपी अस्पताल की लिफ्ट में पहुंच गए थे। दोनों बच्चे पहली मंजिल पर पहुंचने से पहले फंस गए थे। इससे बच्चों के परिजन बहुत परेशान हो गए और लिफ्ट में ही रो-रो कर चिल्लाने लगे।
किसी को इसकी आवाज आयी तब जाकर बच्चों को बचाया गया। इन दोनों अस्पतालों में रोजाना सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। हालांकि गनीमत ये रही कि दोनों ही मामलों में जान बच गई।
गर्भवती महिलाएं रोज होती हैं परेशान
बता दें कि जेपी अस्पताल में लिफ्ट भगवान भरोसे रहती है। यहां आने वाली गर्भवती महिलाएं प्रतिदिन इस परेशानी का सामना कर रही हैं। मेटरनिटी विभाग में दो लिफ्ट लगी हैं, लेकिन दोनों ही बंद पड़ी है। रख रखाव के अभाव में इनकी ये हालत है। प्रबंधन इस मामले में चुप्पी साध कर बैठा है।