छतरपुर में 200 साल पुराने मंदिर में चोरी, अष्टधातु से बनी रामलला की मूर्ति समेत 16 मूर्तियां गायब; दो सिंहासन भी ले गए चोर
छतरपुर जिले के मतगुवां थाना क्षेत्र में स्थित 200 साल पुराने ब्रह्मदेव मंदिर में चोरी की बड़ी वारदात हुई है। ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र।
HighLights
छतरपुर के 200 साल पुराने ब्रह्मदेव मंदिर में चोरी हुई।
रामलला की अष्टधातु मूर्ति समेत 16 प्रतिमाएं चोरी हुईं।
पुलिस ने डॉग स्क्वॉड के साथ जांच शुरू की, चोरों की तलाश जारी।
डिजिटल डेस्क, छतरपुर। प्रदेश के छतरपुर जिले में करीब 200 साल पुराने मंदिर में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। मतगुवां थाना क्षेत्र में सागर-कानपुर नेशनल हाईवे पर स्थित ब्रह्मदेव मंदिर से भगवान राम की अष्टधातु की मूर्ति समेत कुल 16 मूर्तियां चोरी हो गईं। चोर मंदिर से भगवान के दो सिंहासन भी अपने साथ ले गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
बताया जा रहा है कि मंदिर छतरपुर जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। वारदात का पता उस समय चला, जब मंदिर के पुजारी कृष्ण कुमार शर्मा मंगलवार सुबह पूजा करने पहुंचे। मंदिर में सामान बिखरा देखकर उन्होंने जांच की तो कई मूर्तियां और सिंहासन गायब मिले।
गेट तोड़कर मंदिर में घुसे चोर
पुजारी के अनुसार, चोरों ने मंदिर का गेट तोड़कर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद भगवान राम की अष्टधातु से बनी मूर्ति समेत छोटी-बड़ी 15 अन्य मूर्तियां चोरी कर लीं। चोर पूजा स्थल पर रखे भगवान के दो सिंहासन भी ले गए।
पुजारी ने बताया कि मंदिर करीब 200 साल पुराना है और इसमें स्थापित रामलला की मूर्ति अष्टधातु से निर्मित थी। चोरी गई अन्य मूर्तियों के बारे में भी पुलिस जानकारी जुटा रही है।
डॉग स्क्वॉड के साथ जांच में जुटी पुलिस
मतगुवां थाना प्रभारी अंकुर चौबे ने बताया कि मंदिर थाने से करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पुजारी से सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच की। सुराग जुटाने के लिए डॉग स्क्वॉड को भी मौके पर बुलाया गया।
पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज कर लिया है। आसपास के इलाकों और संदिग्ध स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस टीम मंदिर और आसपास के क्षेत्र से साक्ष्य जुटाने के साथ चोरों की पहचान और चोरी गई मूर्तियों की बरामदगी के प्रयास में लगी है।
