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ग्वालियर के 1000 बिस्तर अस्पताल में मारपीट के बाद जूनियर डॉक्टरों ने किया काम बंद, फर्श पर तड़पते मरीज ने इलाज के इंतजार में तोड़ा दम

Published: Wed, 23 Sep 2026 08:06 PM (IST)

ग्वालियर के हजार बिस्तर अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के दौरान एक मरीज की फर्श पर मौत हो गई। ...और पढ़ें

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HighLights

  1. ग्वालियर अस्पताल में सीनियर-पीजी रेजीडेंट के बीच हुई मारपीट।

  2. जूनियर डॉक्टरों ने काम बंद किया, जिससे इलाज प्रभावित हुआ।

  3. दतिया के मरीज रतीराम की फर्श पर इलाज के इंतजार में मौत।

डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। हजार बिस्तर अस्पताल के मेडिसिन आईसीयू में मंगलवार रात सीनियर रेजीडेंट और पीजी रेजीडेंट के बीच हुई मारपीट के बाद बुधवार सुबह जूनियर डॉक्टरों ने काम बंद कर दिया। इस दौरान दतिया से इलाज कराने आए 60 वर्षीय रतीराम की हालत बिगड़ गई और उन्होंने अस्पताल परिसर के फर्श पर दम तोड़ दिया। उनकी पत्नी रामप्यारी का आरोप है कि पर्चा बनने और प्रारंभिक जांच के बावजूद उन्हें भर्ती नहीं किया गया। वह करीब एक घंटे तक फर्श पर पड़े रहे।

वेंटिलेटर को लेकर हुआ था विवाद

मंगलवार रात करीब 11 बजे भिंड की भूरी देवी को हजार बिस्तर अस्पताल के मेडिसिन आईसीयू में भर्ती किया गया था। जांच के बाद डॉक्टरों ने वेंटिलेटर की आवश्यकता बताई, लेकिन सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कराने को लेकर विवाद हो गया। जयवीर नामक युवक ने पहले ड्यूटी डॉक्टर अनंत अय्यर और डॉ. प्रतीक बागडे से मारपीट की।

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गंभीर हालत के बावजूद मरीज को नहीं किया भर्ती

घटना के विरोध में जूनियर डाक्टरों ने बुधवार सुबह काम बंद कर दिया। वार्डों में भर्ती होने पहुंचे मरीजों को भी कुछ समय के लिए बाहर रोक दिया। इसी दौरान दतिया के ऊंचिया गांव से पहुंचे रतीराम (60) और उनकी पत्नी रामप्यारी भी पहुंचीं। लेकिन पर्चा बनवाने और प्रारंभिक जांच के बावजूद रतीराम को वार्ड में भर्ती नहीं किया गया।

हालत बिगड़ने पर प्रत्यक्षदर्शियों ने मदद की, लेकिन दोपहर दो बजे उनकी मौत हो गई।

जूनियर डॉक्टरों के साथ बैठक कर आश्वासन दिया गया, जिसके बाद वे काम पर लौट आए हैं। मरीज की मौत के संबंध में कोई सूचना नहीं आई हैं। फिर भी मामला संज्ञान में लिया जाएगा।
-डा. सुधीर सक्सेना, अधीक्षक, जेएएच