ग्वालियर के तिघरा डैम में पिकनिक मनाने के दौरान डूबे दो MBBS छात्र, 20 घंटे बाद मिला दूसरा शव
ग्वालियर के तिघरा डैम में पिकनिक के दौरान गजराराजा मेडिकल कॉलेज के दो एमबीबीएस छात्रों की डूबने से मौत हो गई। एक छात्र का शव शनिवार को मिला, जबकि दूसर ...और पढ़ें

डैम में डूबने से मौत (प्रतीकात्मक चित्र)
HighLights
मेडिकल कॉलेज के आठ छात्रों का समूह गया था पिकनिक मनाने।
बिहार और बीना के रहने वाले दो MBBS छात्रों की डूबने से मौत।
एक छात्र का शव शनिवार, दूसरे का 20 घंटे बाद बरामद हुआ।
डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। ग्वालियर के तिघरा डैम पर दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने गए गजराराजा मेडिकल कॉलेज (जीआरएमसी) के दो एमबीबीएस छात्रों की मौत ने पूरे चिकित्सा जगत को झकझोर कर रख दिया है। शनिवार को डैम के प्रतिबंधित क्षेत्र में डूबे छात्र आयुष श्रीवास्तव का शव लगभग 20 घंटे बाद एसडीआरएफ की टीम ने बरामद कर लिया, जबकि दूसरे छात्र गोपाल अग्रवाल का शव पहले ही मिल चुका था।
रविवार दोपहर करीब दो बजे आयुष का शव पानी में उतराता दिखाई दिया, जिसके बाद एसडीआरएफ की टीम ने उसे बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं गोपाल अग्रवाल के शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद परिवार शव लेकर बीना के लिए रवाना हो गया।
दोस्तों के साथ पिकनिक पर गए थे छात्र
जानकारी के अनुसार गजराराजा मेडिकल कॉलेज के चार छात्र और चार छात्राएं शनिवार को कक्षाएं समाप्त होने के बाद तिघरा डैम घूमने पहुंचे थे। इनमें एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्र आयुष श्रीवास्तव (मुजफ्फरपुर, बिहार) और गोपाल अग्रवाल (बीना, सागर) भी शामिल थे।
बताया गया है कि सभी छात्र पहले डैम के सुरक्षित हिस्से में नहा रहे थे। इसके बाद वे घूमते हुए पीछे की ओर स्थित कच्ची पार क्षेत्र में पहुंच गए, जिसे प्रशासन ने पहले से प्रतिबंधित घोषित किया हुआ है।
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250 फीट गहराई और मगरमच्छों का खतरा
जिस क्षेत्र में हादसा हुआ, वहां पानी की गहराई करीब 200 से 250 फीट तक बताई जाती है। इसके अलावा इस इलाके में मगरमच्छों की मौजूदगी के कारण आम लोगों के प्रवेश पर रोक है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार छात्र-छात्राएं पानी के किनारे पैदल चल रहे थे, तभी अचानक पैर फिसलने से पहले आयुष और फिर गोपाल गहरे पानी में जा गिरे। देखते ही देखते दोनों पानी में समा गए और बाहर नहीं निकल सके।
रातभर चला सर्च ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही तिघरा थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। रेस्क्यू अभियान देर रात तक जारी रहा। रात करीब 12 बजे गोपाल अग्रवाल का शव बरामद कर लिया गया, लेकिन आयुष का कोई पता नहीं चल सका।
रातभर सर्चिंग जारी रही। रविवार दोपहर करीब दो बजे आयुष का शव पानी की सतह पर दिखाई दिया, जिसके बाद उसे बाहर निकाल लिया गया।
अस्पताल और कॉलेज में शोक का माहौल
हादसे की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, जीआरएमसी के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ और बड़ी संख्या में मेडिकल छात्र मौके पर पहुंच गए थे। दोनों छात्रों की असमय मौत से मेडिकल कॉलेज में शोक का माहौल है।
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प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद एक बार फिर तिघरा डैम के प्रतिबंधित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कच्ची पार क्षेत्र में प्रवेश पर रोक होने के बावजूद पर्यटक वहां पहुंच जाते हैं, जिससे ऐसे हादसों का खतरा बना रहता है।