भिंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंस का काला कारोबार बेनकाब : 13 गिरफ्तार, कई राज्यों तक फैला जाल
भिंड पुलिस ने एक बड़े फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह तीन लाख रुपये में फर्जी लाइसेंस बनाता था। इसमें कलेक्ट्रेट के कर्मचारी भी शामिल पाए गए।

फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट का भंडाफोड़। (प्रतीकात्मक चित्र)

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डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। मध्य प्रदेश के भिंड जिले में लंबे समय से सक्रिय फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। गुरुवार को हुई कार्रवाई में अब तक 13 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि उनके कब्जे से 10 पिस्टल (32 बोर) और एक 315 बोर रायफल बरामद की गई है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह संगठित गिरोह करीब तीन लाख रुपये लेकर फर्जी लाइसेंस के जरिए हथियार उपलब्ध कराता था। पुलिस को जब छह संदिग्ध लाइसेंस दस्तावेज मिले और उनकी जांच नेटग्रिड व ऑनलाइन आर्म्स पोर्टल पर की गई, तो उनका कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
कई राज्यों में फैला था नेटवर्क
जांच में खुलासा हुआ कि यह रैकेट ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के साथ-साथ मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और जम्मू तक फैला हुआ था। आरोपी आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो जैसे दस्तावेजों में हेरफेर कर ऑनलाइन फर्जी लाइसेंस तैयार करते थे।
इन लाइसेंसों को असली दिखाने के लिए उन पर क्यूआर कोड और जिलाधिकारी भिंड का नाम अंकित किया जाता था, लेकिन ऑनलाइन सत्यापन में ये पूरी तरह फर्जी साबित हुए। इसके बाद थाना देहात में मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई गई।
कलेक्ट्रेट के कर्मचारी भी शामिल
- मामले की जांच में चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ, जब कलेक्ट्रेट की आर्म्स शाखा के कर्मचारी मधुबाला मौर्य और रामसेवक कोरकू भी इस रैकेट में शामिल पाए गए। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
- इसके अलावा पांच ऐसे आरोपित भी पकड़े गए हैं, जिन्होंने खुद और अपने परिजनों के नाम पर फर्जी लाइसेंस बनवाए थे। अब तक 11 फर्जी लाइसेंस और उनसे जुड़े हथियार जब्त किए जा चुके हैं।
- हाल ही में 22 अप्रैल को लहार थाना क्षेत्र से दो और आरोपितों को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से एक 315 बोर रायफल और एक 32 बोर पिस्टल बरामद हुई।
अब तक इन आरोपितों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने अब तक सतीश चंद्र निवासी रानीपुरा जिला मऊ उप्र, सतीश त्रिपाठी भिंड, अबरार खान भिंड, सुमेर यादव ऊमरी, पुष्पेंद्र राजावत मढ़ी जैतपुरा थाना रौन, प्रवीण भांवरे निवासी नासिक, रोहित चांडेल निवासी नासिक महाराष्ट्र, राहुल पाटिल नासिक महाराष्ट्र, राधा चरण नायक श्रावन जिला जालौन यूपी, अजीत कुशवाह भिंड, मधुबाला मौर्य, रामसेवक कोरकू, सुनील शर्मा निवासी जमुहां लहार, प्रियांशू आर्य जमुहां लहार को गिरफ्तार किया है। इसमें सुनील शर्मा पर सात अपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
ये हैं मुख्य आरोपित
सतीश चंद्र निवासी रानीपुरा जिला मऊ यूपी, सतीश त्रिपाठी भिंड, पुष्पेंद्र राजावत मडी जैतपुरा थाना रौन, राधा चरण नायक श्रावन जिला जालौन यूपी, सुमेर यादव ऊमरी फर्जी लाइसेंस मामले में मुख्य आरोपित हैं।

