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इंदौर में मिड-डे मील के बाद 38 बच्चों की तबीयत बिगड़ी, मचा हड़कंप; 19 को कराया भर्ती

Updated: Sun, 23 Aug 2026 12:25 AM (IST)

इंदौर के सिंहाना गांव के सरकारी स्कूल में मध्याह्न भोजन खाने के बाद 38 बच्चे बीमार पड़ गए, जिनमें से ...और पढ़ें

तबीयत बिगड़ने के बाद बच्चों को अस्पताल ले जाया गया।

तबीयत बिगड़ने के बाद बच्चों को अस्पताल ले जाया गया।

HighLights

  1. 38 बच्चे मध्याह्न भोजन खाने के बाद बीमार पड़े।

  2. 19 बच्चों को भर्ती कराया, इलाज के बाद डिस्चार्ज।

  3. प्रशासन ने भोजन के सैंपल लेकर जांच शुरू की।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। इंदौर के ग्राम सिंहाना स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय में शनिवार को मध्याह्न भोजन के बाद उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक साथ 38 बच्चों ने तबीयत बिगड़ने की शिकायत की। बच्चों को कढ़ी-चावल परोसे गए थे। भोजन के कुछ देर बाद पहले तीन-चार बच्चों को पेट दर्द, चक्कर और सिरदर्द की शिकायत हुई। देखते ही देखते अन्य बच्चों ने भी चक्कर आने की बात कही।

स्थिति को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने तत्काल परिजनों को सूचना दी और बच्चों को उपचार के लिए इंदौर के अरविंदों अस्पताल पहुंचाया। इनमें से 19 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कर करीब सात घंटे तक निगरानी में रखा गया। सभी बच्चों की हालत स्थिर रहने पर शाम करीब 6:30 बजे उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

कढ़ी-चावल खाने के बाद शुरू हुई परेशानी

स्कूल में शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे बच्चों को कढ़ी-चावल परोसे गए थे। भोजन करने के कुछ समय बाद बच्चों ने एक के बाद एक तबीयत खराब होने की शिकायत की। बड़ी संख्या में बच्चों के एक साथ बीमार होने से प्रारंभिक तौर पर फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई गई।

हालांकि अस्पताल में जांच और निगरानी के दौरान बच्चों में फूड पॉइजनिंग के स्पष्ट लक्षण नहीं मिले। डॉक्टरों के अनुसार सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं। एक बच्ची को पहले से ही तीन दिन से बुखार था, जबकि बाकी बच्चों की स्थिति भी सामान्य पाई गई।

प्रशासन ने शुरू की जांच, भोजन के सैंपल लिए

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गए। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम स्कूल पहुंची और वहां तैयार भोजन तथा अन्य खाद्य सामग्री के सैंपल लिए। इन्हें जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने का संबंध भोजन से था या इसके पीछे कोई अन्य वजह रही।

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रसोई से बच्चों की थाली तक होगी पड़ताल

जांच टीम भोजन तैयार करने से लेकर बच्चों को परोसे जाने तक की पूरी प्रक्रिया खंगाल रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि भोजन कहां तैयार हुआ, स्कूल तक कैसे पहुंचा और बच्चों को परोसने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच की गई थी या नहीं।

गौरतलब है कि इंदौर में स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। जून में शिशुकुंज स्कूल में बड़ी संख्या में बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद प्रशासन ने स्कूल की रसोई सील कर जांच की थी। ऐसे में सिंहाना स्कूल की घटना ने एक बार फिर स्कूलों में बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जांच के दौरान किसी भी बच्चे में फूड पॉइजनिंग अथवा किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण नहीं पाए गए हैं। एहतियात के तौर पर कुछ बच्चों को प्राथमिक जांच के लिए अरविंदो अस्पताल लाया गया था, जहां चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उन्हें सामान्य स्थिति में डिस्चार्ज किया जा रहा है। घटना के संबंध में भोजन एवं अन्य आवश्यक सामग्री के सैंपल लिए गए हैं।

- डॉ. माधव प्रसाद हसानी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी


रोजाना स्कूल में भोजन मिलता है, लेकिन आज जो कढ़ी खाने को दी उसका स्वाद सही नहीं था। इसे खाने के बाद चक्कर आने लगे, लेकिन अब तबीयत ठीक है।चक्कर आने पर सर को जानकारी दी, इसके बाद कुछ अन्य बच्चों को भी यह समस्याएं होने लगी।
- काजल केवट, छात्रा

स्कूल के दौरान कढ़ी और चावल बच्चों को खाने को दिए गए थे। इसको खाने के कुछ देर बाद कुछ बच्चों को उल्टी हुई। अन्य बच्चों ने भी तबीयत खराब होने की बात कही। मेरा भी सर भारी हो रहा था। शिक्षकों को इसकी जानकारी दी तो सभी को हॉस्पिटल लाए, लेकिन अब सब अच्छा लग रहा है।
- हेमलता चौहान, छात्रा