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    बुरहानपुर कलेक्ट्रेट में सरपंच ने पीया कीटनाशक, हालत नाजुक; विधायक व पूर्व सचिव पर लगाए गंभीर आरोप

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 06:34 PM (IST)

    बुरहानपुर कलेक्ट्रेट में सरपंच अमर सिंह मंडलोई ने कथित प्रशासनिक उदासीनता से आहत होकर कीटनाशक पी लिया, उनकी हालत गंभीर है। होश खोने से पहले उन्होंने व ...और पढ़ें

    अस्पताल में उपचाररत सरपंच।

    अस्पताल में उपचाररत सरपंच।

    HighLights

    1. बुरहानपुर कलेक्ट्रेट में सरपंच ने कीटनाशक पीया, हालत नाजुक।

    2. विधायक और पूर्व सचिव पर प्रताड़ना, पैसों की मांग के आरोप।

    3. पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं, बयान का इंतजार।

    डिजिटल डेस्क, इंदौर। बुरहानपुर कलेक्ट्रेट परिसर में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शिकायत लेकर पहुंचे सीतापुर ग्राम पंचायत के सरपंच अमर सिंह मंडलोई ने कथित प्रशासनिक उदासीनता से आहत होकर कीटनाशक पी लिया। घटना के बाद परिजन और अधिकारियों ने उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल सरपंच बेहोश हैं और बयान देने की स्थिति में नहीं हैं।

    होश खोने से पहले लगाए प्रताड़ना के आरोप

    सरपंच के पुत्र के अनुसार, बेहोश होने से पहले अमर सिंह मंडलोई ने पंचायत के पूर्व सचिव तुकाराम, नेपा क्षेत्र की विधायक मंजू दादू सहित तीन लोगों के नाम लिए थे। उन्होंने कथित तौर पर आरोप लगाया कि उनसे पैसों की मांग की जा रही थी और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस तथा प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं।

    सीईओ जिला पंचायत की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल

    घटना के बाद जिला पंचायत की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों का दावा है कि कीटनाशक पीने से पहले सरपंच जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) सृजन वर्मा से मिलने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें अपेक्षित सहायता नहीं मिल सकी। हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि सरपंच के होश में आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    जिले में सचिवों की कमी भी चर्चा में

    जिले की 167 ग्राम पंचायतों में कई स्थानों पर स्थायी सचिवों की नियुक्ति नहीं है और अनेक सचिवों को दो से तीन पंचायतों का अतिरिक्त प्रभार संभालना पड़ रहा है। ऐसे में पंचायतों के प्रशासनिक कामकाज को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।

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    विधायक बोले- अविश्वास प्रस्ताव लाने की चर्चा से परेशान थे

    वहीं, नेपानगर विधायक मंजू दादू का कहना है कि पता लगा है कि बुधवार को ग्रामसभा के दौरान लोगों ने सरपंच पर काम नहीं करने के आरोप लगाए गए थे। कुछ पंच उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की चर्चा भी कर रहे थे। संभवत: इसी मानसिक दबाव में उन्होंने यह कदम उठाया होगा। जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

    सीईओ ने आरोपों को किया खारिज

    जिला पंचायत सीईओ सृजन वर्मा ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरपंच अपनी पंचायत में मनचाहे सचिव की नियुक्ति चाहते थे। उनके अनुसार, सीतापुर के पूर्व सचिव को दस वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के कारण हटाया गया था और उनकी जगह नए सचिव की पदस्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि केवल सचिव की नियुक्ति जैसे मुद्दे पर आत्महत्या का प्रयास करना सामान्य बात नहीं लगती। मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    सरपंच अमर सिंह की हालत फिलहाल नाजुक है। बेहोश होने के कारण उनके बयान दर्ज नहीं किए जा सके हैं। होश आने और बयान दर्ज होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी कि उन्होंने आत्मघाती कदम क्यों उठाया था। - भागीरथ वाखला, डिप्टी कलेक्टर