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    मंदसौर के गांधीसागर में करंट से मछली शिकार का खौफनाक खेल, मगरमच्छ की भी गई जान; 3 आरोपी गिरफ्तार, UPS-बैटरी जब्त

    Updated: Sun, 19 Apr 2026 03:23 PM (IST)

    गांधीसागर जलाशय में अवैध रूप से बिजली का करंट छोड़कर मछली पकड़ने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। नाहरगढ़ पुलिस ने पश्चिम बंगाल के तीन युवकों को गिरफ्त ...और पढ़ें

    गांधीसागर के बैकवाटर एरिया में मछलियों की मौत, तीन आरोपी गिरफ्तार।

    गांधीसागर के बैकवाटर एरिया में मछलियों की मौत, तीन आरोपी गिरफ्तार।

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    डिजिटल डेस्क, इंदौर। मंदसौर जिले में गांधीसागर जलाशय के बैकवाटर क्षेत्र में अवैध रूप से करंट छोड़कर मछलियों के शिकार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। नाहरगढ़ पुलिस ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल के तीन युवकों को गिरफ्तार किया है, जो पिछले दो-तीन महीनों से इस खतरनाक तरीके से बड़े पैमाने पर मछलियां मार रहे थे।

    ठेका नहीं, अवैध धंधा जारी

    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी संजीत क्षेत्र के एक मछली व्यापारी के लिए काम कर रहे थे और अब तक 10 क्विंटल से अधिक मछली पकड़कर इंदौर सहित अन्य शहरों में सप्लाई कर चुके हैं। हैरानी की बात यह है कि वर्तमान में गांधीसागर जलाशय में मछली पकड़ने का कोई ठेका ही नहीं है, इसके बावजूद अवैध शिकार जारी था।

    करंट से मगरमच्छ की भी मौत

    गुरुवार सुबह जलाशय के किनारों पर बड़ी संख्या में मरी हुई मछलियां तैरती मिलीं, वहीं एक मगरमच्छ का शव भी बरामद हुआ। शुरुआती जांच में सामने आया कि पानी में छोड़े गए करंट की चपेट में आने से उसकी मौत हुई। घटना के बाद इंटरनेट मीडिया पर मामला उछला, तब प्रशासन और पुलिस हरकत में आई।

    ऐसे करते थे शिकार

    संजीत टप्पे के नायब तहसीलदार और थाना प्रभारी वरुण तिवारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। यहां तीनों आरोपी शुजान विश्वास, देवभ्रत विश्वास और सुकांता सरकार मौजूद मिले। पूछताछ में खुलासा हुआ कि वे बैटरी, यूपीएस और आईपीएस की मदद से पानी में करंट छोड़कर मछलियां मारते थे। पुलिस ने उनके पास से चार बैटरी, तीन यूपीएस और अन्य उपकरण जब्त किए हैं।

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    पूरे क्षेत्र में फैला है अवैध शिकार का नेटवर्क

    स्थानीय सूत्रों के अनुसार, खड़ावदा से लेकर बसई तक जलाशय के किनारों पर रात के अंधेरे में इसी तरह करंट छोड़कर मछलियों का शिकार किया जा रहा है। इसमें बाहरी मछुआरों को स्थानीय स्तर पर सहयोग मिलने की भी बात सामने आई है।

    राजस्व को नुकसान, जलीय जीवन पर संकट

    मछली पकड़ने का ठेका निरस्त होने के बावजूद जारी इस अवैध गतिविधि से शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं करंट से मछलियों के साथ अन्य जलीय जीव भी मर रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह तरीका पर्यावरण के लिए बेहद घातक है और जलाशय की जैव विविधता को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।

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    फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं।

    संजीत क्षेत्र में गांधीसागर जलाशय में पानी में करंट छोड़कर मछलियां मारी जा रही थी और फिर इन्हें बाहर निकालकर इंदौर सहित अन्य जगह भेजने का काम चल रहा था। पुलिस ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के तीन मछुआरों को पकड़ा है। जो दो माह से संजीत के मछली व्यापारी आबिद के लिए काम कर रहे थे और लगभग 10 क्विंटल मछली पकड़कर उसे दे चुके हैं। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अब आबिद की तलाश है। बेटरी व यूपीएस से पानी में करंट छोड़ रहे थे।
    -वरुण तिवारी, थाना प्रभारी, नाहरगढ़