Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    इंदौर में दूषित पानी के कहर से 32वीं मौत, बुजुर्ग महिला ने इलाज के दौरान तोड़ा दम, दो मरीज अब भी ICU में

    Updated: Mon, 02 Feb 2026 01:57 PM (GMT+05:30)

    इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से फैली बीमारी से एक और बुजुर्ग महिला, अनिता कुशवाह (65) की मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या 32 हो गई है। वह बॉम् ...और पढ़ें

    महिला की मौत (इनसेट- मृतका अनिता कुशवाह)

    महिला की मौत (इनसेट- मृतका अनिता कुशवाह)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    डिजिटल डेस्क, इंदौर। देश के स्वच्छतम शहर इंदौर में दूषित पेयजल से फैली बीमारी का संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। भागीरथपुरा क्षेत्र में इस बीमारी के चलते रविवार रात एक और बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। बाम्बे हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 65 वर्षीय अनिता कुशवाह ने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही इस त्रासदी में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है।

    परिजनों के मुताबिक, अनिता कुशवाह पूरी तरह स्वस्थ थीं। 28 दिसंबर को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दो दिन बाद छुट्टी मिलने पर वे घर लौटीं, लेकिन कुछ ही घंटों में तबीयत फिर बिगड़ गई। इसके बाद 1 जनवरी को उन्हें अरबिंदो हॉस्पिटल में भर्ती किया गया, जहां से 4 जनवरी को हालत गंभीर होने पर बॉम्बे हॉस्पिटल रेफर किया गया।

    इलाज के दौरान बिगड़ी हालत, वेंटिलेटर तक पहुंचा मामला

    चिकित्सकों के अनुसार, इलाज के दौरान अनिता की स्थिति लगातार नाजुक होती चली गई। किडनी फेल होने के बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। इसी बीच उन्हें कार्डियक अरेस्ट भी आया। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने उनकी मौत की पुष्टि की है।

    4000 मरीज प्रभावित, कई अब भी गंभीर

    भागीरथपुरा क्षेत्र में अब तक 4000 इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से 450 से ज्यादा मरीज इलाज के बाद स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। फिलहाल तीन मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें दो आईसीयू में हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- इंदौर जल त्रासदी के बाद MP में पानी की सुरक्षा पर बड़ा निवेश, 5000 करोड़ रुपये से पूरी होंगी 'अमृत' की अधूरी परियोजनाएं

    निगम का दावा : पानी साफ, फिर भी लोगों में डर

    नगर निगम का कहना है कि क्षेत्र में साफ पानी की आपूर्ति की जा रही है। हालांकि, लगभग 30 प्रतिशत इलाके में एक दिन छोड़कर जलापूर्ति हो रही है। इसके बावजूद स्थानीय लोग अब भी आरओ और टैंकर के पानी पर निर्भर हैं। शेष 70 प्रतिशत क्षेत्र में पाइपलाइन सुधार कार्य अंतिम चरण में बताया जा रहा है।