इंदौर में दूषित पानी के प्रकोप से 30वीं मौत, महिला ने उपचार के दौरान तोड़ा दम; उधर खूबचंद के स्वजन ने शव रखकर किया चक्काजाम
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से होने वाली मौतों का सिलसिला जारी है, अब तक 30 लोगों की जान जा चुकी है। हाल ही में लक्ष्मी रजक की मृत्यु हुई, जबकि ...और पढ़ें

दूषित पानी से महिला की मौत हो गई, वहीं एक और मृतक के स्वजन ने सड़क पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया।

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डिजिटल डेस्क, इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा पाने वाले इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हो रही मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार सुबह लक्ष्मी रजक नामक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही दूषित पानी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है।
इससे पहले मंगलवार को उल्टी-दस्त से पीड़ित 75 वर्षीय खूबचंद (पिता गन्नुदास) की भी उपचार के दौरान मौत हो गई थी।बुधवार को उनके स्वजन और स्थानीय लोगों ने आक्रोश जताते हुए सड़क पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया, जिससे इलाके में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। समझाइश के बाद वे लोग अंत्येष्ठि के लिए माने और शव लेकर श्मशान घाट के लिए रवना हुए।
लगातार हो रही मौतों से क्षेत्र के लोग भयभीत हैं। परिजनों का कहना है कि पीड़ित करीब 15 दिनों से उल्टी-दस्त से परेशान थे। भागीरथपुरा में दूषित पानी की समस्या ने गंभीर रूप ले लिया है और अब तक 30 लोगों की जान जा चुकी है।
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दो मरीज वेंटिलेटर पर
दिसंबर के अंतिम सप्ताह से शुरू हुई इस बीमारी का कहर भले ही अब काफी हद तक कम चुका है, लेकिन क्षेत्र के लोग अब भी परेशान है। भागीरथपुरा क्षेत्र में अब तक 4,000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से लगभग 450 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। फिलहाल 10 मरीज आईसीयू में भर्ती हैं, जबकि दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है।
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घटना के बाद प्रशासन ने क्षेत्र में पानी की नियमित जांच के निर्देश जारी किए हैं, लेकिन स्थानीय लोगों में अभी भी दहशत का माहौल बना हुआ है।