आधार में बदली जन्मतिथि, फर्जी शादी रचाकर नाबालिग को 3 लाख में बेचा... इंदौर में मानव तस्करी रैकेट का पर्दाफाश
इंदौर पुलिस ने नाबालिग लड़कियों की फर्जी शादी कर मानव तस्करी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। मुख्य षड्यंत्रकर्ता समेत चार आरोपितों को ग ...और पढ़ें

पुलिस ने चार आरोपितों को गिरफ्तार किया।
HighLights
इंदौर पुलिस ने नाबालिगों की फर्जी शादी का रैकेट पकड़ा।
गिरोह ने आधार कार्ड में हेरफेर कर नाबालिगों को बेचा।
गरीबी का फायदा उठाकर लाखों में होता था सौदा।
डिजिटल डेस्क, इंदौर। इंदौर पुलिस ने नाबालिग किशोरियों की फर्जी शादी कर मानव तस्करी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके मुख्य षड्यंत्रकर्ता समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच के दौरान ऐसे संकेत भी मिले हैं कि यह गिरोह पहले भी कई नाबालिग लड़कियों की फर्जी शादियां कर उन्हें बेचने का काम कर चुका है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
ऐसे हुआ खुलासा
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब बाणगंगा थाना पुलिस ने नाबालिग लड़की के लापता होने की शिकायत पर जांच शुरू की। सहायक पुलिस आयुक्त हीरानगर रूबीना मिजवानी के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में पुलिस ने नाबालिग को सुरक्षित बरामद कर लिया। उसके बयान, दस्तावेजों और तकनीकी साक्ष्यों की जांच में एक सुनियोजित मानव तस्करी रैकेट सामने आया।
गरीबी का उठाया फायदा, दिखाए सब्जबाग
पुलिस जांच में पता चला कि गिरोह के मुख्य आरोपित संजय उर्फ संजू यादव और रामविलास उर्फ राकेश यादव ने किशोरी की आर्थिक तंगी और पारिवारिक मजबूरी का फायदा उठाया। उसे जल्द अमीर बनने और मकान खरीदने का सपना दिखाकर फर्जी शादी के लिए तैयार किया गया। आरोपितों ने दावा किया कि शादी के एवज में लाखों रुपये मिलेंगे और उसमें से किशोरी को भी हिस्सा दिया जाएगा। इस सौदे में करीब तीन लाख रुपये का लेन-देन हुआ।
आधार कार्ड में हेरफेर कर बताया बालिग
गिरोह ने साजिश को अंजाम देने के लिए किशोरी के आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलकर उसे बालिग दर्शाया। इसके बाद गिरोह के सदस्य खुद को किशोरी के माता, चाचा और अन्य रिश्तेदार बताकर शादी की पूरी कहानी गढ़ते रहे। इसी झूठे दस्तावेज और पहचान के आधार पर रतलाम जिले के बड़ावदा निवासी संजू पाटीदार से उसका विवाह कराया गया। पुलिस के अनुसार, दूल्हे और उसके पिता नंदराम पाटीदार को भी किशोरी की वास्तविक उम्र छिपाकर गुमराह किया गया।
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मां ने दर्ज कराई अपहरण की शिकायत
शादी के बाद किशोरी को ससुराल भेज दिया गया। इस बीच उसकी मां द्वारा दर्ज कराई गई अपहरण की शिकायत के आधार पर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के जरिए मुख्य आरोपित संजय यादव तक पहुंच बनाई। पुलिस की कार्रवाई तेज होते ही आरोपित किशोरी को वापस इंदौर छोड़ गए। इंदौर पहुंचने पर पीड़िता ने अपनी मां को पूरी आपबीती बताई और थाने पहुंचकर पूरे षड्यंत्र का खुलासा किया।
चार को पकड़ा, साथी फरार
पुलिस ने मुख्य षड्यंत्रकर्ता संजय उर्फ संजू यादव (मूसाखेड़ी), रामविलास उर्फ राकेश यादव (वृंदावन कॉलोनी), दूल्हा संजू पाटीदार और उसके पिता नंदराम पाटीदार, दोनों निवासी बड़ावदा (रतलाम), को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, गिरोह के अन्य सदस्य सोनू बंजारा, किशोर चौहान, कच्छूलाल गुर्जर, लालसिंह गुर्जर और बाबू दादा की तलाश जारी है।
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पुलिस जांच में जुटी
प्रारंभिक पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस को आशंका है कि गिरोह पहले भी कई नाबालिग बालिकाओं और युवतियों की फर्जी शादियां कराकर मानव तस्करी कर चुका है। अब अवैध कमाई, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क, मानव तस्करी और नाबालिगों के शोषण से जुड़े पूरे गिरोह की गहन जांच की जा रही है।