'यहीं तुम्हारी कब्र खोद दूंगा...', खंडवा में अतिक्रमण-रोधी कार्रवाई के दौरान डिप्टी रेंजर ने आदिवासियों को धमकाया, मचा बवाल
खंडवा के नरलाय गांव में वन विभाग की अतिक्रमण कार्रवाई के दौरान विवाद हुआ। डिप्टी रेंजर एसएस चौहान का आदिवासियों को कथित तौर पर धमकाते हुए वीडियो वायरल ...और पढ़ें

नरलाय में अतिक्रमण रोधी कार्रवाई के दौरान मौजूद अमला।

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डिजिटल डेस्क, इंदौर। खंडवा जिले के मांधाता विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नरलाय में वन विभाग की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ने रविवार को बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। वर्षों से जमीन पर खेती कर रहे आदिवासी परिवारों और प्रशासनिक टीम के बीच तीखी बहस और विरोध देखने को मिला। इसी दौरान वन विभाग के एक अधिकारी का कथित धमकी भरा वीडियो सामने आने के बाद मामला और गरमा गया है।
वीडियो में डिप्टी रेंजर एसएस चौहान ग्रामीणों को सख्त लहजे में चेतावनी देते नजर आ रहे हैं। कथित तौर पर वे कहते सुनाई दे रहे हैं कि “ज्यादा बहस मत करो, नहीं तो यहीं तुम्हारी कब्र खोद दूंगा।” वीडियो वायरल होते ही स्थानीय स्तर पर नाराजगी बढ़ गई और कार्रवाई पर सवाल उठने लगे।
अद्वैत लोक परियोजना से जुड़ा मामला
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2022 में करीब 23 एकड़ राजस्व भूमि वन विभाग को हस्तांतरित की गई थी। यह जमीन ओंकारेश्वर में प्रस्तावित अद्वैत लोक परियोजना के बदले दी गई बताई जा रही है। शनिवार को वन विभाग और राजस्व टीम संयुक्त रूप से कब्जा लेने पहुंची, जहां 15 से 20 आदिवासी परिवारों का अतिक्रमण पाया गया।
कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीनों से करीब 10 झोपड़ियां हटाई गईं और जमीन पर कंटूर ट्रेंच बनाने का काम शुरू किया गया। अधिकारियों का कहना है कि मानसून के बाद यहां पौधारोपण किया जाएगा।
‘चार पीढ़ियों से रह रहे हैं’, ग्रामीण आदिवासियों का दावा
दूसरी ओर, प्रभावित आदिवासी परिवारों ने कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। उनका कहना है कि वे करीब चार पीढ़ियों से इस जमीन पर रह रहे हैं और खेती कर जीवनयापन कर रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि यह जमीन पहले बंजर थी, जिसे उन्होंने मेहनत से उपजाऊ बनाया और अब अचानक उन्हें बेदखल किया जा रहा है।
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अधिकारी की सफाई- आवेश में निकले शब्द
विवाद बढ़ने पर डिप्टी रेंजर एसएस चौहान ने सफाई देते हुए कहा कि मौके पर कुछ युवक आक्रामक हो गए थे और एक युवक पत्थर लेकर दौड़ा था। तनावपूर्ण स्थिति में उनके मुंह से आवेश में ऐसे शब्द निकल गए।
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घटनास्थल पर डिप्टी कलेक्टर ममता चौहान, तहसीलदार और पुलिस बल मौजूद रहा। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार की जा रही है, जबकि ग्रामीण पुनर्वास और अधिकारों की मांग पर अड़े हैं।
फिलहाल क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।