खरगोन में उफनती नदी पार कर स्कूल जाने को मजबूर 50 से अधिक नौनिहाल, कई बच्चों ने छोड़ी पढ़ाई; ग्रामीण पलायन को मजबूर
खरगोन जिले के ग्राम बड़ी में 50 से अधिक बच्चे उफनती खारक नदी पार कर स्कूल जाने को मजबूर हैं, जिससे उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है और कई परिवार पलायन कर रहे हैं। ग्रामीण लंबे समय से पुल की मांग कर रहे हैं।

नदी से होकर गुजरते बच्चे व ग्रामीण। (फोटो- जागरण)
HighLights
50 से अधिक बच्चे उफनती खारक नदी पार कर स्कूल जाते।
बारिश में पढ़ाई बाधित, कई बच्चों ने स्कूल छोड़ दिया।
ग्रामीणों की पुल निर्माण की मांग, राज्यपाल की टीम ने दौरा किया।
डिजिटल डेस्क, इंदौर। खरगोन जिले के भगवानपुरा तहसील मुख्यालय से महज आठ किलोमीटर दूर शिकारिया फालिया के बच्चों के लिए स्कूल पहुंचना रोज की चुनौती बन गया है। ग्राम पंचायत बड़ी के इस इलाके में 50 से अधिक बच्चे उफनती खारक नदी पार कर स्कूल जाने को मजबूर हैं। बारिश के चार महीनों में नदी का जलस्तर बढ़ने से उनकी पढ़ाई सबसे ज्यादा प्रभावित होती है और कई बार बच्चे स्कूल तक नहीं पहुंच पाते।
सड़क और पुल नहीं होने का असर केवल बच्चों की शिक्षा तक सीमित नहीं है। किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने की जरूरत हो तो ग्रामीणों के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो जाती है। किसानों और ग्रामीणों को हाट-बाजार तक पहुंचने के लिए भी जोखिम उठाना पड़ता है।
50 से ज्यादा बच्चे, चार महीने पढ़ाई पर संकट
ग्रामीण मेहताबसिंह बर्डे के मुताबिक खारक नदी पर पुल नहीं होने से ग्राम पंचायत बड़ी के शिकारिया और नहारपुरा समेत आसपास के कई फालिये प्रभावित हैं। ग्राम पंचायत देवनलिया के काजलमाता, सरादियापुरा, सेमलिया और मोहदड़ सहित अन्य बस्तियों के लोगों को भी बारिश के दौरान आवागमन की परेशानी झेलनी पड़ती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार परेशानी के कारण कई बच्चों ने स्कूल जाना ही छोड़ दिया है। कुछ परिवार बेहतर सुविधाओं की तलाश में गांव से पलायन भी कर चुके हैं।

दो हजार से ज्यादा आबादी प्रभावित
पुल के अभाव में क्षेत्र की दो हजार से अधिक आबादी सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है। बारिश के दौरान नदी पार करना ग्रामीणों के लिए मजबूरी बन जाता है। रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बाजार जाना हो या किसी मरीज को अस्पताल पहुंचाना, हर काम के लिए जोखिम उठाना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल और सड़क का निर्माण होने से कई गांवों और फालियों को सीधा लाभ मिलेगा और बच्चों की पढ़ाई भी नियमित हो सकेगी।
सीएम तक लगा चुके गुहार
ग्रामीण लंबे समय से खारक नदी पर पुल और सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में सांसद गजेंद्रसिंह पटेल, विधायक केदार डावर और प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। इसके बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
गुरुवार को राज्यपाल द्वारा गठित टीम गांव पहुंची और मौके पर ग्रामीणों की स्थिति देखी। टीम ने नदी, आवागमन और ग्रामीणों की परेशानियों का जायजा लेते हुए हालात पर चिंता जताई। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि वर्षों पुरानी पुल और सड़क की मांग पर ठोस कार्रवाई होगी।
हाल ही में सांसद का पत्र मिला है। पुलिया निर्माण के लिए जल्द सर्वे किया जाएगा।
- सत्यम वर्मा, इंजीनियर, जनपद पंचायत भगवानपुरा
