'वायरल गर्ल' मोनालिसा केस में बड़ी कार्रवाई, जन्म प्रमाण-पत्र निरस्त, जारी करने वाले महेश्वर CMO पर गिरी गाज
मोनालिसा भोंसले का जन्म प्रमाण-पत्र रद्द कर दिया गया है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की जांच में उन्हें नाबालिग पाए जाने के बाद महेश्वर नगर परिषद क ...और पढ़ें

मोनालिसा भोसले का जन्म प्रमाण पत्र रद्द।

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डिजिटल डेस्क, इंदौर। प्रयागराज महाकुंभ से सुर्खियों में आई महेश्वर की ‘वायरल गर्ल’ मोनालिसा भोंसले का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की जांच में उसके नाबालिग होने के प्रमाण मिलने के बाद नगर परिषद द्वारा जारी जन्म प्रमाण-पत्र को निरस्त कर दिया गया है। यह प्रमाण-पत्र नायब तहसीलदार की अनुशंसा पर बनाया गया था।
सीएमओ को हटाया
मामले में प्रशासनिक कार्रवाई भी तेज हुई है। महेश्वर नगर परिषद के सीएमओ प्रियंक पंड्या को पद से हटा दिया गया है और उनका तबादला धार जिले की धामनोद नगर परिषद में कर दिया गया है। पंड्या का कहना है कि प्रमाण-पत्र लड़की के माता-पिता द्वारा दिए गए शपथ पत्र के आधार पर जारी किया गया था, लेकिन जानकारी गलत पाए जाने पर उसे रद्द कर दिया गया।
इस बीच, महेश्वर पुलिस ने 25 मार्च को ही अपहरण की धाराओं में केस दर्ज कर लिया था, लेकिन अब तक न तो नाबालिग को बरामद किया जा सका है और न ही आरोपित की गिरफ्तारी हो पाई है। जानकारी यह भी सामने आई है कि मोनालिसा का पासपोर्ट भी इसी जन्म प्रमाण-पत्र के आधार पर बनाया गया था, जिससे जांच का दायरा और बढ़ गया है।
केरल में की थी शादी
उल्लेखनीय है कि मोनालिसा ने विगत 11 मार्च को केरल में उत्तर प्रदेश निवासी मोहम्मद फरमान से विवाह किया था। इसके बाद परिजनों और मोनालिसा को लेकर फिल्म बना रहे निर्देशक सनोज मिश्रा ने उसके नाबालिग होने की शिकायत दर्ज कराई थी।
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शिकायत पर राष्ट्रीय आयोग ने की कार्रवाई
मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता प्रथम दुबे ने 17 मार्च को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग में शिकायत की थी। आयोग ने पहले मध्य प्रदेश और केरल के डीजीपी से तीन दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी, लेकिन जवाब न मिलने पर 19 मार्च को जांच टीम गठित कर दी गई।
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इस टीम में आयोग के डायरेक्टर डॉ. पी. कल्याण रेड्डी और प्रकाश कुमार उइके शामिल हैं। आयोग के अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य ने स्पष्ट किया है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई नियमानुसार जारी है।