MPPSC कार्यालय के सामने अभ्यर्थियों का आंदोलन, धरने पर बैठे, इंटरव्यू अंकों में कटौती, पद बढ़ाने की मांग
इंदौर में एमपीपीएससी कार्यालय के सामने अभ्यर्थियों ने दस सूत्रीय मांगों को लेकर धरना शुरू किया है। नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन के नेतृत्व में यह 'न्याय ...और पढ़ें

धरने पर बैठे युवा।

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डिजिटल डेस्क, इंदौर। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) के कार्यालय के समक्ष शनिवार रात से अभ्यर्थियों ने धरना प्रारंभ कर दिया है। इस आंदोलन में अभ्यर्थी दस सूत्रीय मांगों को लेकर सक्रिय हैं, जिनमें इंटरव्यू में अंकों की कटौती और परीक्षा में पदों की संख्या बढ़ाने की मांगें प्रमुख हैं।
यह प्रदर्शन नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन (एनईवाईयू) के नेतृत्व में हो रहा है। हाई कोर्ट इंदौर से अनुमति मिलने के बाद इस आंदोलन को न्याय यात्रा-2.0 नाम दिया गया है, जो अगले चार दिनों तक जारी रहेगा।
कड़कड़ाती ठंड में भी नही डिगे
ठंड के बावजूद अभ्यर्थियों की संख्या अधिक है। आयोग परिसर के बाहर बिस्तर बिछाकर और अलाव जलाकर अभ्यर्थी रात बिता रहे हैं। उनका कहना है कि दिसंबर 2024 में हुए आंदोलन के दौरान प्रशासन ने कई वादे किए थे, लेकिन 13 महीने बीत जाने के बाद भी अधिकांश मांगें पूरी नहीं हुईं।
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यह है मांग
अभ्यर्थियों की सबसे बड़ी मांग स्टेट सर्विस परीक्षा के इंटरव्यू अंकों में कटौती की है। वर्तमान में इंटरव्यू 185 अंकों का होता है, जिसे वे अत्यधिक मानते हैं। उनका तर्क है कि इससे चयन प्रक्रिया में पक्षपात की संभावना बढ़ती है, इसलिए इसे घटाकर 100 अंक किया जाए।
इसके अतिरिक्त, अभ्यर्थी 87:13 फॉर्मूले को समाप्त कर 100 प्रतिशत पदों पर चयन सूची जारी करने की मांग कर रहे हैं। राज्य सेवा परीक्षा में पदों की संख्या 155 से बढ़ाकर 700 और स्टेट इंजीनियरिंग सर्विस में 29 पदों को बढ़ाकर 400 करने की मांग भी की जा रही है।
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पद बढ़ाने की मांग ने पकड़ा जोर
इसके अलावा 2019 से होल्ड पर रखे गए 13 प्रतिशत पदों की सूची जारी करने, मेंस परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाएं दोबारा दिखाने, यूपीएससी की तर्ज पर विज्ञापन के एक साल के भीतर नियुक्ति देने और सभी परीक्षाओं के लिए 100 रुपये की वन टाइम फीस लागू करने की मांग की जा रही है।