इंदौर के सरकारी अस्पताल में अब मोटापे का मुफ्त इलाज, प्रदेश का पहला बेरियेट्रिक क्लिनिक, इन मरीजों को मिलेगी सुविधा
इंदौर के एमवाय अस्पताल में प्रदेश का पहला सरकारी बेरियेट्रिक और मेटाबोलिक क्लिनिक शुरू हुआ है। यह सुविधा मोटापे से ग्रस्त मरीजों को मुफ्त इलाज प्रदान ...और पढ़ें

मोटापे का इलाज (प्रतीकात्मक चित्र)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, इंदौर। प्रदेश के सबसे बड़े शासकीय एमवाय अस्पताल में सोमवार से बेरियेट्रिक (मोटापा) और मेटाबोलिक क्लिनिक की शुरुआत की गई। यह प्रदेश के सरकारी क्षेत्र में अपनी तरह की पहली सुविधा है, जिससे अब मोटापे के मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने क्लिनिक का शुभारंभ करते हुए कहा कि मोटापा तेजी से गंभीर सामाजिक समस्या बनता जा रहा है। इसके कारण मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य बीमारियां बढ़ रही हैं। बदलती जीवनशैली और गलत खान-पान इसकी बड़ी वजह हैं। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र मरीजों का इलाज निश्शुल्क किया जाएगा।
एक ही जगह पूरा इलाज
जहां निजी अस्पतालों में इस सर्जरी का खर्च चार से पांच लाख रुपये तक आता है, वहीं अब यह सुविधा एमवाय में मुफ्त उपलब्ध होगी। क्लिनिक में मरीजों की जांच, काउंसलिंग और जरूरत पड़ने पर सर्जरी की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेगी।
खजराना निवासी 30 वर्षीय गुल अफशां ने बताया कि सर्जरी के बाद उनका वजन 120 किलोग्राम से घटकर डेढ़ महीने में 97 किलोग्राम हो गया। इससे डायबिटीज में राहत मिली और अब वह पहले से अधिक स्वस्थ महसूस कर रही हैं। इसी तरह सुषमा भिलवारे ने बताया कि उनका वजन 103 किलोग्राम से घटकर 70 किलोग्राम हो गया, जिससे बीपी और अन्य समस्याओं में भी सुधार हुआ।
खबरें और भी
यह भी पढ़ें- धार में युवक को रस्सी से बांधकर बेरहमी से पीटा, वीडियो वायरल होने के बाद तीन गिरफ्तार, दो की तलाश जारी
खतरनाक है मोटापा
- डायबिटीज और हाई बीपी का खतरा बढ़ाता है।
- हार्ट और जोड़ों की बीमारियों की वजह।
- जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का प्रमुख कारण।
ये सुविधाएं मिलेंगी
- मुफ्त जांच और काउंसलिंग।
- बेरियेट्रिक सर्जरी की सुविधा।
- आयुष्मान कार्ड धारकों को निश्शुल्क इलाज।
- एक ही स्थान पर संपूर्ण उपचार।