Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    अभिनेत्री नुसरत के महाकाल दर्शन पर छिड़ा विवाद, मौलाना ने बताया इस्लाम के विरुद्ध, संतों ने कहा- भगवान सबके

    Updated: Wed, 31 Dec 2025 08:41 PM (IST)

    अभिनेत्री नुसरत भरूचा के उज्जैन महाकाल मंदिर में दर्शन पर विवाद खड़ा हो गया है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने इसे इस्लाम के विर ...और पढ़ें

    भगवान महाकाल के दर्शन करतीं अभिनेत्री नुसरत भरूचा।

    भगवान महाकाल के दर्शन करतीं अभिनेत्री नुसरत भरूचा।

    HighLights

    1. नुसरत भरूचा ने उज्जैन महाकाल मंदिर में दर्शन किए।

    2. मौलाना ने नुसरत के महाकाल दर्शन को इस्लाम विरोधी बताया।

    3. संतों ने कहा, भगवान महाकाल सबके हैं, धार्मिक स्वतंत्रता है।

    डिजिटल डेस्क, इंदौर। उज्जैन में स्थित ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में मंगलवार को फिल्म अभिनेत्री नुसरत भरूचा ने भगवान महाकाल की भस्म आरती के दर्शन किए। उन्होंने भगवान महाकाल को जल चढ़ाया और जयकारा भी लगाया, लेकिन अब नुसरत की शिव भक्ति कुछ मौलानाओं को रास नहीं आ रही है।

    मौलाना ने किया विरोध, संत समर्थन में

    ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने भरूचा के महाकाल दर्शन करने को इस्लाम के विरुद्ध बताया है। हालांकि उज्जैन के साधु-संतों का कहना है कि भगवान महाकाल सबके हैं और भारत में रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति सनातनी, ऐसे में अगर नुसरत के मन में भोले की भक्ति का भाव आता है, तो इसमें कोई बुराई नहीं है।

    भारत में रहने वाला हर शख्स सनातनी : महंत ज्ञानदास

    निर्मोही अखाड़ा के महामंडलेश्वर महंत ज्ञानदासजी महाराज ने कहा कि भारत में रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति सनातनी है। अगर हम 1500 साल पीछे जाएंगे, तो पाएंगे की उस समय तो केवल सनातन वैदिक हिंदू धर्म ही था। इसलिए आज कोई अपने आप को किसी भी धर्म का कहे, लेकिन वह है तो सानातनी। अभिनेत्री नुसरत भरूचा के मन में भी शिव भक्ति का भाव इसीलिए आया है। वैसे भी भगवान महाकाल सब के है उनका दर्शन करने किसी भी जाति, धर्म का व्यक्ति आ सकता है।

    यह भी पढ़ें- देवास में शादी के नाम पर 3 लाख की ठगी, दूल्हे को नींद की गोलियां खिलाकर भागीं दो लुटेरी दुल्हनों समेत 5 गिरफ्तार

    सभी को है धार्मिक स्वतंत्रता : डॉ. अवधेशपुरी महाराज

    संत डॉ.अवधेशपुरी महाराज ने कहा कि भारतीय संविधान में प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार दिया गया है। नुसरत भरुचा अगर महाकाल दर्शन करने आती हैं, तो इससे किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। अगर कोई विरोध करता है, तो यह संविधान का अपमान है।

    खबरें और भी