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जबलपुर के बरगी बांध में तेज हवा से डूबा क्रूज, अबतक 9 लोगों की मौत; प्रत्यक्षदर्शी बोले- किसी ने नहीं पहनी थी लाइफ जैकेट

Updated: Thu, 30 Apr 2026 11:11 PM (IST)

जबलपुर के बरगी बांध में तेज आंधी के कारण एक क्रूज डूब गया, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई और 18 लोगों को बचाया गया। सेना सहित बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। जबलपुर जिले में स्थित बरगी बांध में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। तेज आंधी चलने से पर्यटकों से भरा एक क्रूज अचानक असंतुलित होकर डूब गया। घटना खमरिया टापू के पास शाम करीब छह बजे हुई, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार क्रूज में दो स्टाफ एवं 29 पर्यटक सवार थे, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई जबकि 18 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

पर्यटकों ने कहा- क्रूज डूबने के दौरान बांटे गए लाइफ जैकेट

क्रूज पर यात्रा कर रहे जूलियस ने कहा, "यात्रा के दौरान सुरक्षा के कोई भी उपाय दिखाई नहीं दे रहे थे। जब क्रूज शिप डूबना शुरू हुआ तब अफरा-तफरी मच गई और तभी लाइफ जैकेट बांटे गए।"

मृतकों की पहचान हुई, घायल अस्पताल में भर्ती

मृतकों की पहचान कोतवाली निवासी कोतवाली निवासी नीतू सोनी (43), दिल्ली कैंट निवासी मधुर मसीह (62), खमरिया निवासी सौभाग्य अलगन (42) एवं तमिल (5) के रूप में हुई है। घटना में बचाए गए कुछ पर्यटक घायल है, जिन्हें अलग-अलग अस्पताल में भर्ती किया गया है। घायल एवं लापता पर्यटकों में उत्तर प्रदेश, काठमांडू सहित शहर से बांध घूमने गए पर्यटक शामिल है।

तेज हवाओं ने बिगाड़ा संतुलन

बरगी बांध में प्रतिदिन शाम को मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग का क्रूज पर्यटकों को लहरों की सवारी कराता है। गुरुवार की शाम को लगभग साढ़े पांच बजे क्रूज पर्यटकों को लेकर बांध की लहरों के बीच आगे बढ़ रहा था, तभी अचानक मौसम खराब हो गया। औसतन 40 किमी प्रतिघंटा की गति से हवा चली। तेज हवाओं के चलते क्रूज में पानी भरने लगा और कुछ ही देर में वह नियंत्रण खोकर डूब गया।

हादसा इतना अचानक हुआ कि यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। कई यात्री जान बचाने के लिए पानी में कूद गए।

खराब मौसम से रेस्क्यू में दिक्कत

घटना की सूचना पर प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। गोताखोरों की मदद से डूबे हुए लोगों की तलाश की जा रही है। अंधेरा बढ़ने और खराब मौसम के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कतें आ रही हैं, फिर भी टीमें लगातार प्रयास में जुटी हैं।

मंत्री, कलेक्टर मौके पर पहुंचे

घटना की जानकारी लगते ही कलेक्टर राघवेंद्र सिंह एवं पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय मौके पर पहुंचे। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह दिल्ली से लौटकर सीधे डुमना एयरपोर्ट से बरगी बांध पहुंचे।

देर रात सेना बुलाई

खराब मौसम, अंधेरे के कारण रेस्क्यू में समस्या आई। रात को नौ बजे एक युवक के क्रूज में फंसे मिलने के बाद रेस्क्यू के लिए सेना की मदद ली गई। रात को लगभग साढ़े 10 बजे सेना का एक दल मौके पर पहुंचा। एसडीआरएफ, पुलिस के साथ मिलकर सेना ने रेस्क्यू कार्य प्रारंभ किया।

नर्मदा नदी पर बना है बांध

बता दें कि जबलपुर जिला मुख्यालय से लगभग 40 किमी दूर बरगी गांव में स्थित यह बांध नर्मदा नदी पर बना ऐसा प्रमुख और विशाल बांध है, जो सिंचाई, 90 मेगावाट जलविद्युत उत्पादन और पर्यटन (क्रूज, बोटिंग) के लिए जाना जाता है। 1990 में निर्मित यह बांध 21 फाटकों (गेटों) के साथ रानी अवंतीबाई लोधी सागर परियोजना का हिस्सा है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुख जताया

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंटरनेट मीडिया पर घटना को लेकर दुख जताया। एक्स मीडिया पोस्ट में मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि बरगी डैम में हुए दुखद क्रूज हादसे को लेकर स्थानीय प्रशासन एवं रेस्क्यू फोर्स का आपरेशन जारी है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, संभाग प्रभारी एसीएस, एडीजी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं।

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त्वरित बचाव कार्य से 15 नागरिकों को बचा लिया गया है। लापता को खोजने का प्रयास जारी है। संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार संवेदनशीलता के साथ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और हरसंभव सहायता सुनिश्चित की जा रही है।