Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    जबलपुर में बदहाल सड़क ने छीनीं दो जिंदगियां: प्रसव पीड़ा से तड़पती महिला को दो किमी चलना पड़ा पैदल, मां व गर्भस्थ शिशु की मौत

    Updated: Sun, 21 Jun 2026 02:33 PM (IST)

    जबलपुर की ब्रजपुरी कॉलोनी में खराब सड़क के कारण एक गर्भवती महिला और उसके अजन्मे बच्चे की मौत हो गई, क्योंकि समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाए। इस हृदयविदा ...और पढ़ें

    अस्पताल पहुंचते-पहुंचते गर्भवती महिला (इनसेट में) व उसके अजन्मे बच्चे की मौत।

    अस्पताल पहुंचते-पहुंचते गर्भवती महिला (इनसेट में) व उसके अजन्मे बच्चे की मौत।

    HighLights

    1. खराब सड़क के कारण गर्भवती महिला और शिशु की मौत।

    2. प्रसव पीड़ा में महिला को 2 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।

    3. बुनियादी सुविधाओं की कमी पर गंभीर सवाल उठे।

    डिजिटल डेस्क, जबलपुर। स्मार्ट सिटी और विकास के दावों के बीच जबलपुर से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर से सटे एपीजे अब्दुल कलाम वार्ड की ब्रजपुरी कॉलोनी में खराब सड़क एक गर्भवती महिला और उसके अजन्मे बच्चे के लिए जानलेवा साबित हुई। अस्पताल समय पर नहीं पहुंच पाने के कारण 22 वर्षीय ममता कुशवाहा और उनके गर्भ में पल रहे शिशु की मौत हो गई।

    बदहाल सड़क पर नहीं मिला वाहन

    जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब साढ़े सात माह की गर्भवती ममता कुशवाहा को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। उस समय उसका पति अमन कुशवाहा मजदूरी के सिलसिले में घर से बाहर था। घर पर मौजूद परिजनों ने तत्काल अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन कॉलोनी तक जाने वाली सड़क कीचड़ और गहरे गड्ढों से भरी होने के कारण कोई वाहन चालक अंदर आने को तैयार नहीं हुआ।

    जैसे-तैसे पहुंची अस्पताल, पर नहीं मिली राहत

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ममता को उनकी जेठानी के सहारे पैदल ही मुख्य सड़क तक ले जाया गया। करीब दो किलोमीटर का यह सफर प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला के लिए बेहद कष्टदायक साबित हुआ। मुख्य मार्ग पर पहुंचने के बाद उन्हें ऑटो से लेडी एल्गिन अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने हालत नाजुक देखते हुए नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

    अस्पतालों के बीच इलाज की इस दौड़ में बहुमूल्य समय निकल गया। मेडिकल कॉलेज पहुंचने तक गर्भस्थ शिशु की मौत हो चुकी थी। कुछ देर बाद ममता ने भी दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- पन्ना की धरती ने फिर उगला 'रत्न': 6.54 कैरेट के हीरे ने बदली महिला की तकदीर, कीमत 12 लाख से अधिक

    शिकायतों के बावजूद सुनवाई नहीं

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि ब्रजपुरी कॉलोनी की जर्जर सड़क और मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच मौजूद खाई को उजागर कर दिया है।