MP में एथेनॉल के नाम पर चावल घोटाले की आंच FCI तक पहुंची, कर्मचारी गिरफ्तार; राइस मिल मैनेजर को भी दबोचा
मध्य प्रदेश में एथेनॉल उत्पादन के नाम पर हुए चावल घोटाले की जांच अब भारतीय खाद्य निगम (FCI) तक पहुंच गई है, जिसमें FCI बालाघाट के सहायक ग्रेड-1 सुरेंद ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
FCI बालाघाट के सहायक ग्रेड-1 सुरेंद्र सूर्यवंशी गिरफ्तार।
राइस मिल मैनेजर भी हिरासत में, पुलिस रिमांड पर।
अब तक 17 गिरफ्तारियां, जांच का दायरा और बढ़ा।
डिजिटल डेस्क, बालाघाट। मध्य प्रदेश में एथेनॉल उत्पादन के नाम पर हुए करोड़ों रुपये के फोर्टिफाइड चावल घोटाले की जांच अब भारतीय खाद्य निगम (FCI) तक पहुंच गई है। विशेष जांच दल (SIT) ने एफसीआई बालाघाट में पदस्थ सहायक ग्रेड-1 सुरेंद्र सूर्यवंशी को गिरफ्तार किया है। सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम ने संचेती राइस मिल के मैनेजर को भी हिरासत में लिया है। दोनों आरोपितों को सोमवार को वारासिवनी न्यायालय में पेश किया गया, जहां से 5 अगस्त तक पुलिस रिमांड मंजूर की गई है।
राइस मिल और एथेनॉल प्लांट के बीच कड़ी का आरोप
एसआईटी की जांच में सामने आया है कि सुरेंद्र सूर्यवंशी राइस मिल संचालकों और छिंदवाड़ा स्थित एवीजे एग्रिको ग्रुप के एथेनॉल प्लांट के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा था। आरोप है कि मिल संचालकों और एथेनॉल प्लांट के बीच होने वाले आर्थिक लेनदेन की जिम्मेदारी भी वही संभालता था। इसके अलावा एफसीआई गोदाम से जारी होने वाले चावल की जानकारी राइस मिल संचालकों तक पहुंचाने की बात भी जांच में सामने आई है।
विराज राइस मिल से मिलीभगत के मिले साक्ष्य
एसआईटी को एफसीआई कर्मचारी सुरेंद्र सूर्यवंशी और गर्रा (वारासिवनी) स्थित विराज राइस मिल के बीच कथित सांठगांठ के महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। विराज राइस मिल के संचालक सुरेंद्र राणा को SIT पहले ही 18 जुलाई को गिरफ्तार कर चुकी है।
अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि सूर्यवंशी की अन्य राइस मिल संचालकों के साथ भी कोई भूमिका या मिलीभगत थी या नहीं। इसके लिए उसके संपर्क, लेनदेन और एफसीआई गोदाम से चावल जारी होने की प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है।
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पांच आरोपित न्यायिक अभिरक्षा में भेजे गए
चावल घोटाले में गिरफ्तार विनोद शर्मा, अविनाश कावरे, गोपाल ठाकुर, राजेश संचेती और कुंजबिहारी पटले की पुलिस रिमांड सोमवार को समाप्त हो गई। सभी को वारासिवनी न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
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अब तक 17 गिरफ्तार, चार आरोपित फरार
इस मामले में SIT की कार्रवाई लगातार जारी है। अब तक 17 आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि चार आरोपित अभी फरार बताए जा रहे हैं। एफसीआई कर्मचारी की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। SIT अब यह पता लगाने में जुटी है कि एथेनॉल उत्पादन के नाम पर चावल की कथित हेराफेरी का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें एफसीआई स्तर पर और कौन-कौन लोग शामिल थे।