पन्ना टाइगर रिजर्व में बने विवादित रिसॉर्ट पर नया खुलासा, भोपाल से आदिवासी को बुलाकर कराई गई थी रजिस्ट्री
पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में विवादित रिसॉर्ट के लिए आदिवासी और अन्य पिछड़ा वर्ग की करीब पांच एकड़ जमीन खरीदी गई, जिसमें आदिवासियों को पट्टे प ...और पढ़ें

पीटीआर के कोर एरिया में बना रिसॉर्ट (फाइल फोटो)
HighLights
पन्ना टाइगर रिजर्व में विवादित रिसॉर्ट के लिए आदिवासी जमीन खरीदी गई।
आईआरएस अधिकारी बी. श्रीनिवास कुमार का नाम रजिस्ट्रियों में दर्ज।
भूमि हस्तांतरण और पंजीयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हुए।
डिजिटल डेस्क, जबलपुर। मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में बने विवादित रिसॉर्ट के मामले में सामने आया है कि यह निर्माण कराने के लिए छतरपुर जिले के राजगढ़ गांव स्थित खसरा नंबर 1841 की करीब पांच एकड़ भूमि अलग-अलग नामों से खरीदी गई। इनमें आदिवासी और अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों के नाम भी शामिल हैं। जमीन के कुछ हिस्से ऐसे भी हैं, जो शासन द्वारा आदिवासी हितग्राहियों को पट्टे पर आवंटित किए गए थे।
शिकायत के अनुसार, जिस जमीन पर रिसॉर्ट बना है, उसमें से तीन एकड़ जमीन आदिवासी कमल सिंह के नाम से खरीदी गई। इसके लिए उसे भोपाल से बुलाया गया, जबकि पन्ना निवासी कालीचरण के नाम से भी कुछ जमीन खरीदी गई थी। कालीचरण की कुछ समय पहले मौत हो गई है।
चार रजिस्ट्रियों में अलग-अलग पते दर्ज
दस्तावेजों के अनुसार, रिसॉर्ट के लिए खरीदी गई भूमि की चार रजिस्ट्रियों में भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी बी. श्रीनिवास कुमार के नाम दर्ज हैं। रिसोर्ट से संबंधित कुछ भूमि उनकी पत्नी हिमानी सरद के नाम पर भी खरीदी गई है। इनमें विक्रेता गोपालदास ओमरे निवासी ग्राम मडला है तो क्रेता बी श्रीनिवास कुमार हैं। रजिस्ट्री में उनका पता अलग-अलग मडला तहसील, जिला पन्ना और ग्राम राजगढ़, तहसील राजनगर, जिला छतरपुर अंकित है।
शिकायतकर्ता अजय दुबे ने मांग की है कि इसे जांच का बिंदु बनाया जाना चाहिए कि आदिवासियों को जमीन खरीदने के लिए पैसा कहां से मिला। इस संबंध में छतरपुर के जिला पंजीयक जीपी सिंह से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।
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वन और राजस्व विभाग के बीच विवाद
इन जमीनों के स्वामित्व को लेकर वन विभाग और राजस्व विभाग के बीच पहले से विवाद चल रहा है। यह भी आरोप हैं कि प्रशासन ने शासन द्वारा दिए गए पट्टे की भूमि का भी पंजीयन करा दिया। पूरे मामले में भूमि हस्तांतरण, पंजीयन प्रक्रिया और वन क्षेत्र से जुड़े नियमों के पालन को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
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गुरुग्राम में कार्यरत हैं बी श्रीनिवास कुमार
आइआरएस अधिकारी बी श्रीनिवास कुमार वर्तमान में हरियाणा के गुरुग्राम में कार्यरत हैं और मूल रूप से आंध्र प्रदेश के निवासी हैं। चूंकि वह पन्ना आते रहे हैं। ऐसे में, माना जा रहा है कि इस दौरान उनका परिचय स्थानीय लोगों से हो गया। रिसॉर्ट खोलने की इच्छा जताने पर स्थानीय लोगों ने उन्हें जमीन दिलाने में मदद की।
विवादित भूमि को लेकर राजस्व विभाग के साथ स्वामित्व को लेकर कुछ बातें हो रही थीं। इस पर कार्रवाई चल रही है। जब कुछ नया होगा तो जरूर बताएंगे।
-वीरेंद्र पटेल, उप निदेशक, पन्ना टाइगर रिजर्व