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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Aurangzeb Row: अबू आजमी ने कहा- 'मैंने किसी का अपमान नहीं किया', शिंदे बोले- 'ये देशद्रोही है, इसे कड़ी सजा मिले'

    By Agency Edited By: Piyush Kumar
    Updated: Tue, 04 Mar 2025 07:56 PM (GMT+05:30)

    सपा विधायक अबू आजमी ने औरंगजेब को लेकर विवादित टिप्पणी की है। उन्होंने कहा है कि औरंगजेब एक क्रूर शासक नहीं थे। उन्होंने अगर मंदिर तोड़ी थी तो मस्जि ...और पढ़ें

    Abu Azmi Aurangzeb Remarks: डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने अबू आजमी पर निशाना साधा है।(फोटो सोर्स: पीटीआई)
    Abu Azmi Aurangzeb Remarks: डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने अबू आजमी पर निशाना साधा है।(फोटो सोर्स: पीटीआई)

    HighLights

    1. शिवसेना के मंत्री उदय सामंत ने अबू आजमी के निलंबन की मांग दोहराई
    2. अबू आजमी ने कहा था कि औरंगजेब एक क्रूर शासक नहीं थे।
    3. अगर मेरी बात से किसी को बुरा लगा है तो मैं अपना बयान वापस लेता हूं: अबू आजमी

    पीटीआई.मुंबई। महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी (Abu Azmi remarks on  Aurangzeb)  के विवादित बयान पर बवाल मचा हुआ है। अबू आजमी ने औरंगजेब को उत्तम प्रशासक बताया है। समाजवादी पार्टी के विधायक के इस टिप्पणी पर महाराष्ट्र सरकार काफी आक्रामक हो चुकी है। सत्ताधारी पार्टी ने उनके निलंबन और कार्रवाई की डिमांड की है।

    अबू आजमी को विधानसभा से निलंबित किया जाए: उदय सामंत

    आज विधानसभा का सत्र शुरू होने के बाद शिवसेना के मंत्री उदय सामंत ने अबू आजमी के निलंबन की मांग दोहराई और यहां तक कि उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अबू आजमी को कहे अपनी बात पर पश्चाताप करना चाहिए। 

    अबू आजमी देशद्रोही हैं: एकनाथ शिंदे

    अबू आजमी के बयान पर डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने सख्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "अबू आजमी देशद्रोही हैं। उन्हें इस सदन में बैठने का कोई अधिकार नहीं है। औरंगजेब ने संभाजी महाराज को 40 दिनों तक बंदी बना रखा, संभाजी महाराज के नाखून और जीभ छीन ली। यहां तक कि संभाजी महाराज को यातना देने के लिए उनके शरीर पर नमक डाला गया।"

    एकनाथ शिंदे ने कहा, "आखिर में मैं यह कहना चाहता हूं कि देश-धर्म पर मिटने वाला शेर शिवा का छावा था। महापराक्रमी परम प्रतापी एक ही शंभू राजा था।"

    अबू आजमी के बयान के खिलाफ महाराष्ट्र विधानसभा के बाहर प्रदर्शन भी हुए। सत्तारूढ़ भाजपा गठबंधन के विधायकों ने विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन किए।

    सपा विधायक ने क्या कहा था?

    दरअसल, अबू आजमी ने कहा था कि औरंगजेब एक क्रूर शासक नहीं थे। उन्होंने अगर मंदिर तोड़ी थी तो मस्जिद भी  तोड़ी थी, इसमें हिंदू-मुस्लिम करने की जरूरत नहीं है। उनके खिलाफ नौपाड़ा थाने में जीरो FIR दर्ज की गई है। मामले को मरीन ड्राइव थाने में ट्रांसफर किया गया है। मरीन ड्राइव थाने में बीएनएस के तहत सीआर नंबर 59/25 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

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    औरंगजेब वाली टिप्पणी को लेकर अबू आजमी ने सफाई भी दी। उन्होंने कहा, "कल (सोमवार) विधानसभा समाप्त होने के बाद, टीवी वालों ने मुझे बताया कि असम के सीएम (हिमंत बिस्वा सरमा) ने राहुल गांधी को औरंगजेब कहा है। जब उन्होंने औरंगजेब का जिक्र किया, तो मैंने सतीश चंद्रा, डॉ. राजीव दीक्षित, अवध ओझा को पढ़ा है।

    अबू आजमी ने आगे कहा कि मेरी बातों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। ऐसा लगता है कि मेरी बातों से जैसे तूफान आ गया हो।  चाहे छत्रपति शिवाजी महाराज हों, छत्रपति संभाजी महाराज हों, डॉ. भीमराव अंबेडकर हों या ज्योतिराव फुले मैं सभी का सम्मान करते हैं। अगर मेरी बात से किसी को बुरा लगा है तो मैं अपना बयान वापस लेता हूं। विधानसभा का काम नहीं रुकना चाहिए।

    भाजपा के ही सुधीर मुनगंटीवार ने मांग की कि औरंगजेब की कब्र को ध्वस्त कर दिया जाना चाहिए। इस मुद्दे पर हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही तीन बार स्थगित की गई और बाद में पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। बता दें कि सोमवार को आजमी ने कहा था कि औरंगजेब के शासनकाल में भारत की सीमा अफगानिस्तान और बर्मा (म्यांमार) तक पहुंच गई थी और हमारा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) विश्व सकल घरेलू उत्पाद का 24 प्रतिशत था । तब भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था।

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