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    छात्रों के समर्थन में झारखंड जाएंगे अभिजीत दीपके, कहा- प्रेशर ग्रुप की तरह काम करेगी सीजेपी

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 08:01 PM (GMT+05:30)

    अभिजीत दीपके की कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) झारखंड में भर्ती परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन करेगी और दीपके स्वयं झारखं ...और पढ़ें

    छात्रों के समर्थन में झारखंड जाएंगे अभिजीत दीपके। (पीटीआई)

    छात्रों के समर्थन में झारखंड जाएंगे अभिजीत दीपके। (पीटीआई)

    HighLights

    1. अभिजीत दीपके झारखंड में छात्रों के आंदोलन का समर्थन करेंगे।

    2. सीजेपी भर्ती परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ।

    3. पार्टी संस्थागत जवाबदेही के लिए 'दबाव समूह' के रूप में कार्य करेगी।

    राज्य ब्यूरो, मुंबई। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि उनकी पार्टी झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों का पूरा समर्थन करेगी और वह इसके लिए झारखंड भी जाएंगे।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल सीजेपी किसी राजनीतिक दल के रूप में नहीं, बल्कि देश की संस्थाओं की जवाबदेही तय कराने के लिए एक 'दबाव समूह' के रूप में काम करेगी।

    महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में सीजेपी की कोर टीम की बैठक से पहले पत्रकारों से बातचीत में दीपके ने कहा कि पार्टी के सदस्य जल्द ही झारखंड जाएंगे और रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 29 जुलाई से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे अभ्यर्थियों के साथ खड़े होंगे।

    ये छात्र झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच राज्य के बाहर के सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के स्वतंत्र पैनल से कराने की मांग कर रहे हैं।

    दीपके ने कहा कि लोगों का न्यायपालिका, राजनीति, मीडिया और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं से भरोसा लगातार कम हुआ है।

    उनका कहना था कि जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन को देश भर से समर्थन मिला और यह केवल शिक्षा या परीक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संस्थागत जवाबदेही का मुद्दा भी बन गया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जनता की आवाज को मजबूत करने के लिए एक प्रभावी दबाव समूह की आवश्यकता है।

    सीजेपी के राजनीति में आने की संभावना पर दीपके ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर मीडिया ज्यादा उत्साहित दिखाई देता है। उन्होंने मौजूदा राजनीतिक दलों की स्थिति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जनता सुबह किसी को वोट देती है और शाम तक सरकार किसी और की बन जाती है।

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    उन्होंने दोहराया कि फिलहाल सीजेपी का पूरा ध्यान जन आंदोलनों को संगठित करने और जनता की आवाज उठाने पर रहेगा। दीपके ने बताया कि दो दिवसीय कोर टीम की बैठक में संगठन के विस्तार, भविष्य की रणनीति और विभिन्न जन मुद्दों पर आगे की कार्य योजना तैयार की जाएगी।

    बैठक में मीडिया और न्यायपालिका जैसी संस्थाओं में लोगों के घटते विश्वास के अलावा एथनॉल मिश्रित ईंधन और बढ़ती बेरोजगारी जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी।

    सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक आगे भी संगठन के मार्गदर्शक बने रहेंगे। उन्होंने बताया कि हाल के छात्र आंदोलनों में दर्ज प्राथमिकी वापस लेने के लिए सरकार के प्रतिनिधियों से बातचीत चल रही है।

    साथ ही आंदोलन के दौरान घायल हुए छात्रों को कानूनी और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में भी संगठन काम कर रहा है।

    बता दें कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी के नेतृत्व में चला युवा आंदोलन 25 जुलाई को समाप्त हुआ था। इस आंदोलन में देशभर से हजारों छात्र शामिल हुए थे और उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, परीक्षा सुधार तथा तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई थी।

    आंदोलन को देशभर के युवाओं का व्यापक समर्थन मिला, हालांकि दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बिहार समेत कई स्थानों पर प्रदर्शन हिंसक भी हुए, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कई मामले दर्ज किए थे।