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    किसने खरीदी दाऊद इब्राहिम की पैतृक संपति? 4 नाकाम कोशिशों के बाद लगाई इतने लाख की बोली

    Updated: Thu, 19 Mar 2026 03:52 PM (IST)

    अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम कासकर की चार पैतृक जमीनें आखिरकार बिक गईं। एक शख्स ने नीलामी में सबसे ऊंची बोली लगाकर रत्नागिरी के मुम्बके गांव में स्थित ...और पढ़ें

    दाऊद इब्राहिम की पैतृक संपत्ति की लगाई इतने लाख की बोली(फाइल फोटो)

    दाऊद इब्राहिम की पैतृक संपत्ति की लगाई इतने लाख की बोली(फाइल फोटो)

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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 1993 के मुंबई बम विस्फोटों के मास्टरमाइंड और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम कासकर की चार पैतृक जमीन को आखिरकार खरीददार को मिल गईं। 2017 से अब तक चार बार नीलामी फेल होने के बाद केंद्रीय सरकार की 5 मार्च 2026 को हुई नीलामी में मुंबई के एक व्यक्ति ने सबसे ज्यादा बोली लगाकर प्लॉट खरीदा। कुल चारों प्लॉट इसी मुंबई निवासी के नाम पर गईं।

    मुंबई के बिडर ने लगाई सबसे महंगी बोली

    नीलामी तस्कर और विदेशी मुद्रा हेरफेर करने वाले संपत्ति की जब्ती अधिनियम(सफेमा) के तहत हुई। मुंबई के एक बिडर ने सर्वे नंबर 442 (पार्ट 13-B) के लिए 10 लाख रुपये से ज्यादा की बोली लगाई, जबकि इसका रिजर्व प्राइस 9.41 लाख रुपये था। इस प्लॉट पर मुंबई और रत्नागिरी से दो लोगों ने बोली लगाई थी।

    बाकी तीन प्लॉट्स सर्वे नंबर 533 (रिजर्व 2.33 लाख), 453 (रिजर्व 8.08 लाख) और 617 (रिजर्व 15,440 रुपये के लिए सिर्फ एक ही बिडर आया, जिसने शर्तें पूरी कीं और तीनों खरीद लिए। सभी चारों जमीनें उसी मुंबई निवासी के नाम पर गईं। बिडर को अप्रैल 2026 की शुरुआत तक पूरा भुगतान करना होगा। उसके बाद सक्षम अधिकारी की अंतिम मंजूरी मिलने पर सौदा पक्का होगा।

    दाऊद की मां के नाम पर रजिस्टर्ड थीं जमीन

    चारों प्लॉट महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के मुम्बके गांव में हैं, जिसे दाऊद का पैतृक गांव माना जाता है। अधिकारियों के मुताबिक इनमें से कई जमीनें पहले उनकी मां अमीना बी के नाम पर रजिस्टर्ड थीं। ये जमीनें 1990 के दशक में अटैच की गई थीं और बाद में SAFEMA के तहत केंद्र सरकार के पास जब्त हो गई थीं।

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    2017, 2020, 2024 और 2025 में इन जमीनों की नीलामी हुई, लेकिन हर बार कोई खरीददार नहीं आया। नवंबर 2025 में रिजर्व प्राइस में करीब 30 प्रतिशत की कटौती के बावजूद भी कोई आगे नहीं आया।

    लोगों ने दाऊद और डी-कंपनी से जुड़ाव की वजह से इन जमीनों से दूरी बनाई। साथ ही ये दूर-दराज इलाके में हैं, सिर्फ खेती के लिए इस्तेमाल हो सकती हैं और इनसे तुरंत कोई बड़ा मुनाफा नहीं होने वाला। यही वजह रही कि चार बार नीलामी खाली हाथ रही।

    पहले भी खरीद चुके दाऊद की संपत्ति

    दिल्ली के वकील अजय श्रीवास्तव का नाम दाऊद से जुड़ी संपत्तियों की नीलामी में बार-बार आता रहा है। 2001 में उन्होंने मुंबई के नागपाड़ा इलाके में दाऊद की दो यूनिट खरीदी थीं, लेकिन आज तक कब्जा नहीं मिला और मामला बॉम्बे हाईकोर्ट में लंबित है।

    2020 में उन्होंने मुम्बके गांव में दाऊद के पैतृक बंगले को खरीदा और वहां ट्रस्ट बनाने की घोषणा की। 2024 में सर्वे नंबर 617 (रिजर्व सिर्फ 15,440 रुपये) पर उन्होंने 2.01 करोड़ रुपये की बोली लगाई, लेकिन बकाया भुगतान न करने पर सौदा रद्द हो गया।

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