Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'औरंगजेब का मकबरा हटे... यह हर कोई चाहता है', CM देवेंद्र फडणवीस ने बता दिया आगे का प्लान

    Updated: Mon, 10 Mar 2025 04:21 PM (IST)

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने औरंगजेब के मकबरे को हटाने की मांग का समर्थन किया है। मगर उन्होंने कहा कि यह काम कानून के दायरे में किया ज ...और पढ़ें

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस। ( फाइल फोटो )
    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस। ( फाइल फोटो )

    HighLights

    1. फडणवीस बोले- कानूनी तौर पर मकबरा हटाना होगा।
    2. कांग्रेस सरकार ने इसे एएसआई के संरक्षण में दिया है।
    3. सतारा से भाजपा सांसद ने की मकबरे को हटाने की मांग।

    पीटीआई, मुंबई। मुगल बादशाह औरंगजेब पर पूरे देश में सियासत गर्म है। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में औरंगजेब का मकबरा मौजूद है। अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सभी का मानना ​​है कि छत्रपति संभाजीनगर में स्थित मुगल बादशाह औरंगजेब का मकबरा हटा दिया जाना चाहिए। मगर यह काम कानून के दायरे में किया जाना चाहिए, क्योंकि पिछली कांग्रेस सरकार ने इस स्थल को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में दे दिया था।

    हम सभी यही चाहते हैं: फडणवीस

    छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज और सतारा से भाजपा सांसद उदयनराजे भोसले ने छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित औरंगजेब की समाधि को हटाने की मांग की थी। शनिवार को भोसले की मांग पर सीएम फडणवीस ने कहा कि हम सभी भी यही चाहते हैं। मगर आपको इसे कानून के दायरे में करना होगा, क्योंकि यह एक संरक्षित स्थल है। इस स्थल को कुछ साल पहले कांग्रेस शासन के दौरान एएसआई के संरक्षण में शामिल किया गया था।

    अबू आजमी के बयान से शुरू हुआ विवाद

    बता दें कि औरंगजेब पर ताजा विवाद समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक अबू आसिम आजमी के बयान से शुरू हुआ। आजमी ने औरंगजेब की खूब तारीफ की थी। उन्होंने दावा किया था कि औरंगजेब ने मंदिरों का निर्माण कराया था। वह कोई क्रूर बादशाह नहीं था। बाद में अबू आसिम आजमी को पिछले सप्ताह 26 मार्च को बजट सत्र के अंत तक महाराष्ट्र विधानसभा से निलंबित कर दिया गया था। भाजपा नेता नवनीत राणा भी औरंगजेब के मकबरे को हटाने की मांग कर चुकी हैं।

    जेसीबी से गिराने की उठी मांग

    7 मार्च को शिवाजी महाराज के 13वें वंशज और सतारा शाही परिवार के सदस्य छत्रपति उदयनराजे भोसले ने मकबरा को ढहाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि जो लोग औरंगजेब की कब्र पर जाते हैं और श्रद्धांजलि देते हैं, उन्हें उस कब्र को अपने घर ले जाना चाहिए, लेकिन औरंगजेब का महिमामंडन अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि एक जेसीबी मशीन भेजकर उसकी कब्र को गिरा दो। वह एक चोर और लुटेरा था। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने भी औरंगजेब की कब्र को गिराने की मांग की थी।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें: भारत की जीत के बाद महू में भड़की थी हिंसा, अब CCTV से हुई उपद्रवियों की पहचान; हिरासत में 13 लोग

    यह भी पढ़ें: RSS शाखा में चल रही थी बच्चों की ट्रेनिंग, बाहर से होने लगा पथराव; पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस किया दर्ज