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    महाराष्ट्र एफडीए ने ब्लड बैंकों के लिए पहली बार जारी किए विस्तृत दिशा-निर्देश

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 08:01 AM (IST)

    महाराष्ट्र एफडीए ने पहली बार राज्य के ब्लड बैंकों के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसका उद्देश्य मरीजों और दानदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करन ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. एफडीए ने ब्लड बैंकों के लिए पहली बार व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए।

    2. मरीजों और खून दान करने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करना मुख्य उद्देश्य।

    3. आईआईटी बॉम्बे की दो मेस पंजीकरण न होने पर बंद करने का आदेश।

    डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने राज्य के ब्लड बैंकों के लिए पहली बार व्यापक दिशा-निर्देश जारी किया है। एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने कहा कि इसका उद्देश्य मरीजों और खून दान करने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि कुछ ब्लड सेंटरों के निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि कानून का पूरी तरह से पालन नहीं किया जा रहा था।

    इसलिए राज्यभर में इन नियमों को प्रभावी और समान रूप से लागू करने के लिए आदेश जारी किया गया। एफडीए ने राज्य के सभी ब्लड सेंटर को तत्काल अपने मौजूदा प्रथाओं की समीक्षा करने और इस आदेश के अनुसार आवश्यक सुधारात्मक उपायों को लागू करने का निर्देश दिया है।

    मुंढे ने कहा कि किसी भी ब्लड सेंटर या संस्थान को वैध लाइसेंस के बिना खून जमा करने, प्रोसेस करने, स्टोर करने या बांटने की इजाजत नहीं है। हर ब्लड सेंटर के लिए 'ड्रग्स एंड कास्मेटिक्स रूल्स, 1945' के तहत निर्धारित सभी प्रविधानों का पालन करना अनिवार्य है।

    ये दिशा-निर्देश ब्लड सेंटर्स के लिए जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर, कर्मचारियों की योग्यता, खून और खून के घटकों की जांच, संग्रहण, लेबलिंग, गुणवत्त नियंत्रण, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, रक्तदान शिविर ब्लड आयोजित करने, खून के सुरक्षित परिवहन, ई- रक्तकोश पोर्टल पर जानकारी को रोजाना अपडेट करने से जुड़ी हैं।

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    आदेश में कहा गया है कि ब्लड बैंकों को काउंसलिंग रूम, गुणवत्ता नियंत्रण सुविधाएं समेत ज़रूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। उनके पास तय नियमों के अनुसार योग्य मेडिकल अधिकारी, टेक्निकल सुपरवाइज़र, ब्लड बैंक टेक्नीशियन, नर्स और काउंसलर भी होने चाहिए।हर ब्लड बैंक को डोनर चुनने के 2020 के संशोधित नियमों का पालन करना होगा।

    खून की हर यूनिट की एचआइवी, हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी, सिफलिस और मलेरिया के लिए अनिवार्य जांच करनी होगी। यह सुनिश्चित करना होगा कि खून और खून के घटकों को तय तापमान पर सही ढंग से रखा जाए। खून की थैलियों पर लेबल लगाने, तय समय तक रिकार्ड रखना होगा। इसे नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से आडिट करना चाहिए।

    आईआईटी बॉम्बे में हॉस्टल की दो मेस को कामकाज समेटने को कहा महाराष्ट्र एफडीए ने आईआईटी बांबे की दो मेस (कैंटीन) को पंजीकरण न होने का हवाला देते हुए अपना कामकाज बंद करने के लिए कहा है। महाराष्ट्र एफडीए ने शुक्रवार को कहा कि पवई इलाके में आईआईटी के हास्टल नंबर 1 और 2 की मेस के निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि संचालकों के पास ज़रूरी मंजूरी नहीं थी। इसके बाद उन्हें कामकाज बंद करने का निर्देश दिया गया।

    हॉस्टल नंबर 12, 13 और 14 में मेस के निरीक्षण के दौरान, एफडीए ने कुछ कमियां पाईं और कैटरर को जरूरी बदलाव करने की सलाह देते हुए नोटिस जारी किया। इस बीच, एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंडे के नेतृत्व में राज्यभर में चल रहे अभियान के तहत, राज्य सरकार की एजेंसी ने कई भोजनालयों और रेस्तरां के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।
    (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)