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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Maharashtra: RPF कांस्टेबल ने साजिश के तहत हत्याकांड को दिया अंजाम, चलती ट्रेन में कर दी थी चार लोगों की हत्या

    By Jagran NewsEdited By: Paras Pandey
    Updated: Sat, 21 Oct 2023 04:23 AM (IST)

    राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने रेलवे सुरक्षा बल के बर्खास्त कांस्टेबल चेतन सिंह चौधरी के खिलाफ बोरीवली में मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष शुक्रवार को 1206 ...और पढ़ें

    बर्खास्त आरपीएफ कांस्टेबल चेतन ने साजिश के तहत हत्याकांड को दिया था अंजाम
    बर्खास्त आरपीएफ कांस्टेबल चेतन ने साजिश के तहत हत्याकांड को दिया था अंजाम

    जागरण संवाददाता, मुंबई। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने रेलवे सुरक्षा बल के बर्खास्त कांस्टेबल चेतन सिंह चौधरी के खिलाफ बोरीवली में मजिस्ट्रेट अदालत के समक्ष शुक्रवार को 1206 पृष्ठों की चार्जशीट दायर की है। चार्जशीट के अनुसार चेतन ने 31 जुलाई को चलती ट्रेन में चार लोगों की हत्या को गुस्से में और सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दिया। पुलिस ने मजिस्ट्रेट को सूचित किया कि जांच पूरी हो चुकी है।

    चार्जशीट में चेतन को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं। आरोपित की मानसिक स्थिति सामान्य बताई गई है। चार्जशीट में जयपुर-मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस के यात्रियों सहित 150 गवाहों के बयान शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार उन्होंने धारा 164 के तहत बोरीवली मजिस्ट्रेट के समक्ष तीन गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। चेतन पर हत्या (302), विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना (153- ए) समेत भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) की विभिन्न धाराओं और रेलवे अधिनियम और महाराष्ट्र संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम के प्रविधानों के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।

    150 गवाहों के गवाहों के अलावा, पुलिस के पास ट्रेन के उन डिब्बों की महत्वपूर्ण सीसीटीवी रिकार्डिंग हैं, जहां चेतन गया था। यात्रियों ने उस घटना का वीडियो भी बनाया था जिसमें चारों तरफ फैले खून के बीच चेतन ने भड़काऊ भाषण दिया था।

    पुलिस ने बताया कि आरोपित को अकोला जिले की जेल में स्थानांतरित किया गया है। वह न्यायिक हिरासत में है। पुलिस के मुताबिक, चूंकि आरोपित को अदालत में पेश करना खतरनाक है इसलिए उसे वीडियो कान्फ्रें सिंग के माध्यम से पेश करने की अनुमति दी जानी चाहिए। पुलिस ने मजिस्ट्रेट से अनुरोध किया कि इस तरह के हालात में चेतन की गैर मौजूदगी में मामले को सत्र अदालत को हस्तांतरित कर दिया जाए।

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    आश्वासन दिया कि चार्जशीट की प्रति जेल में ही आरोपित को मुहैया करा दी जाएगी। चेतन के वकील जयवंत पाटिल ने कहा कि पूरी प्रक्रिया उनकी मौजूदगी में होनी चाहिए और उन्होंने अदालत से पेशी वारंट जारी करने का अनुरोध किया। अदालत ने मामले की सुनवाई दो नवंबर के लिए निर्धारित कर दी है। चेतन ने चलती ट्रेन में आरपीएफ के सहायक उप-निरीक्षक टीकाराम मीना, और तीन अन्य यात्रियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।